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शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक दिवंगत राकेश झुनुझुनवाला की ओर से प्रमोटेड प्राइवेट एयरलाइन अकासा एयर की शुरुआत की कुछ दिनों बाद ही उनका निधन हो गया. ऐसे में उनके जाने के बाद क्या चीजें बदली हैं, कंपनी कैसे काम कर रही है, इसपर एयरलाइन के को-फाउंडर विनय दूबे ने कहा कि झुनझुनवाला के दुखद निधन के बाद एयरलाइन ने न तो अपनी किसी स्ट्रेटेजी में कोई बदलाव किया है, न ही कोई पॉलिसी बदली गई है. सबकुछ पहले जैसा ही रखा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि एयरलाइन अफोर्डेबल टिकट अवेलेबल कराती रहेगी.
इस दौरान स्टार्टअप एयरलाइंस की वकालत करते हुए कहा कि सरकार को ऐसी एयरलाइंस का सपोर्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम आग्रह करते हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार स्टार्टअप एयरलाइंस को भी सपोर्ट करेगी. हमारी आशा है कि सरकार एविएशन में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मान्यता देगी और उनकी मदद करेगी.
बुधवार को सरकार की ओर से एविएशन सेक्टर के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम में रिवीजन किया गया है. अब एविएशन कंपनियां 1,500 करोड़ तक का लोन ले सकती हैं. इसे लेकर अकासा एयर के को-फाउंडर ने कहा कि इस कदम से सेक्टर में विश्वास बढ़ेगा, इस कदम का स्वागत करते हैं.
ECLGS में रिवीजन करना दिखाता है कि सरकार एविएशन सेक्टर की अहमियत को समझती है. उनके इस कदम से भारत में एयर ट्रांसपोर्ट को स्ट्रॉन्ग ट्रांसपोर्ट मोड में ले जाने में मदद मिलेगी.
दूबे ने कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल के दाम ऊपर-नीचे होने को लेकर अकासा एयर फिक्रमंद नहीं है. हम अफोर्डेबल टिकट अवेलेबल कराते रहेंगे क्योंकि हम लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी पर काम कर रहे हैं.
इसके अलावा अकासा एयर ने अपने कस्टमर्स को आज एक खुशखबरी भी दी है. अब एयरलाइन की फ्लाइट्स में यात्रियों को अपने पेट्स के साथ सफर करने की परमिशन रहेगी. कुत्ते और बिल्ली केबिन और कार्गो कंपार्टमेंट में ट्रैवल कर सकेंगे. इसके लिए 15 अक्टूबर से बुकिंग शुरू हो जाएगी और 1 नवंबर की फ्लाइट से यह सुविधा मिलेगी.
इस पॉलिसी के तहत, बस 7 किलोग्राम के वजन तक के ही पेट्स को पैसेंजर के साथ ट्रैवल करने की सुविधा मिलेगी. अभी तक बस एयर इंडिया यह सुविधा देता है.