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रैपिडो ( Rapido ) ने कहा है कि वह EBITDA प्रॉफिटेबल कंपनी बन गई है. कंपनी के इंजीनियरिंग प्रमुख श्रीवत्स कट्टा (Srivatsa Katta) ने इसकी जानकारी एक लिंक्डइन पोस्ट करते हुए दी है. उनकी पोस्ट के अनुसार, कंपनी हर रोज 27 लाख ऑर्डर (राइड) के साथ भारत की सबसे बड़ी राइड-हेलिंग कंपनी भी बन गई है.
राइड-हेलिंग स्पेस में रैपिडो का मुकाबला अमेरिका की उबर और भाविश अग्रवाल की अगुवाई वाली ओला से है. एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2024 तक रैपिडो दैनिक राइड की संख्या के मामले में ओला से भी आगे निकल गई थी. कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ अरविंद संका ने सितंबर में कहा था कि कंपनी हर रोज 25 लाख राइड दे रही है. उनके अनुसार कंपनी अगली तिमाही में कैश फ्लो पॉजिटिव बन जाएगी.
श्रीवत्स कट्टा की लिंक्डइन पोस्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी के फाउंडर्स ने अपने नौवें स्थापना दिवस के दौरान पहली ESOP की घोषणा की. उनकी पोस्ट के अनुसार रैपिडो “बड़े पैमाने पर प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने वाली भारत की सबसे बड़ी राइड-हेलिंग कंपनी” है. कंपनी भविष्य में स्विगी और अन्य भागीदारों के साथ क्विक कॉमर्स सेगमेंट में टियर II और III शहरों में अपने ऑपरेशन का विस्तार करना चाहती है.
बता दें कि आईपीओ लाने की तैयारी में लगी कंपनी स्विगी ने 2022 में कंपनी में $180 मिलियन का निवेश भी किया था. इसके अलावा रैपिडो ने मौजूदा निवेशक वेस्टब्रिज कैपिटल के नेतृत्व में सीरीज ई फंडिंग राउंड में $200 मिलियन हासिल करने के बाद सितंबर में यूनिकॉर्न का दर्जा भी हासिल कर लिया था. कंपनी अपने ऑपरेशन को बढ़ाने और सेवा वितरण में सुधार के लिए अपने प्रौद्योगिकी प्लेटफ़ॉर्म को बढ़ाने के लिए नए जुटाए गए फंड का उपयोग करने की योजना बना रही है.