महामारी बन रही है ई-सिगरेट, अमेरिका ने भी लगाया बैन

अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने कहा कि अमेरिका में युवाओं में जिस तेजी से ई-सिगरेट के इस्तेमाल का चलन बढ़ा है. उन्होंने इसकी तुलना महामारी से की.
महामारी बन रही है ई-सिगरेट, अमेरिका ने भी लगाया बैन

ई-सिगरेट एक बैटरी से चलने वाला उपकरण है जो निकोटीन के घोल को धुएं में बदल देता है. इसमें तंबाकू नहीं होता है.

अमेरिकी सरकार (US Government) ने घोषणा की है कि वह देश में अधिकतर ई-सिगरेट पर जल्द ही प्रतिबंध लगाएगी. हालांकि सरकार ने ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा नहीं की, लेकिन इसके कई उत्पादों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है.

खाद्य एवं मादक पदार्थ प्रशासन ने कहा कि तम्बाकू या पुदीने के अलावा अन्य फ्लेवर वाली ई-सिगरेट तब तक अवैध होंगी जब तक उन्हें सरकार से विशेष अनुमति नहीं मिलती है.

एफडीए ने कहा कि जो कंपनियां 30 दिन में इस प्रकार की ई सिगरेट बनाने और बेचने पर प्रतिबंध नहीं लगाएंगी, उन्हें दंडित किया जाएगा.

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अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने कहा कि अमेरिका में युवाओं में जिस तेजी से ई-सिगरेट के इस्तेमाल का चलन बढ़ा है, ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया है. उन्होंने इसकी तुलना महामारी से की.

इस बीच, अमेरिका के फीनिक्स स्थित ‘यू हॉल इंटरनेशनल कंपनी’ ने घोषणा की कि वह एक फरवरी से ई सिगरेट का इस्तेमाल करने वालों समेत उन लोगों का साक्षात्कार नहीं लेगी या उन्हें नौकरी नहीं देगी जो निकोटीन का सेवन करते हैं.

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ई-सिगरेट
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक ऐसा डिवाइस है जो एक आम सिगरेट की तरह ही होता है. ई-सिगरेट एक बैटरी से चलने वाला उपकरण है जो निकोटीन के घोल को धुएं में बदल देता है. इसमें तंबाकू नहीं होता है. बताया जाता है कि ई-सिगरेट तंबाकू सिगरेट की तुलना में कम नुकसानदायक होती है. हालांकि, ई-सिगरेट से भी खून के थक्के जमने की समस्या और कैंसर भी हो सकता है.

भारत में है प्रतिबंध
ई-सिगरेट भारत में पूरी तरह से बैन है. भारत सरकार ने 18 सितंबर, 2019 से देश में Electronic cigarette के उत्पादन, बिक्री, निर्यात, आयात, विज्ञापन, भंडारण पर प्रतिबंध ल

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