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पाकिस्तान में गेहूं और आटा, दाल, चीनी, गुड़ और खाद्य तेल की वजह से मुद्रस्फीति की दर में इतना उछाल आया. (Photo- Reuters)
बेतहाशा मंहगाई की मार झेल रही पाकिस्तान (Pakistan) की जनता को राहत देने के लिए वहां की सरकार के पास कोई प्लान नहीं है. मंहगाई को लेकर उठ रही सरकार विरोधी आवाज को देखकर पाकिस्तानी सरकार नींद से जागी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि चाहे जो हो जाए, उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सरकार जरूरी खाद्य सामग्रियों की कीमतों को कम करने को लेकर संघीय कैबिनेट द्वारा किए गए विभिन्न उपायों की घोषणा करेगी.
अपने ट्वीट में इमरान ने कहा, "मैं आम लोगों और वेतनभोगी वर्गो की समस्याओं को समझता हूं और चाहे जो भी हो, मेरी सरकार मंगलवार को कैबिनेट में उन कई उपायों की घोषणा करेगी, जिसके अंतर्गत आम आदमियों के लिए जरूरी खाद्य सामग्रियों की कीमतें कम की जाएंगी."
एक और ट्वीट में उन्होंने कहा कि सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों ने आटा और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर गहन जांच शुरू कर दी है.
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो ने बीते सप्ताह अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जनवरी में मुद्रास्फीति दर (Inflation) बढ़कर 14.6 प्रतिशत पर पहुंच गई, जोकि पिछले महीने के 12.6 प्रतिशत के मुकाबले दो प्रतिशत अधिक है. बीते 12 वर्षो में मुद्रास्फीति की दर सबसे ज्यादा दर्ज की गई.
आंकड़ों से पता चला कि खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी खासकर के गेहूं और आटा, दाल, चीनी, गुड़ और खाद्य तेल की वजह से जनवरी में मुद्रस्फीति की दर में इतना उछाल आया.
देश में बढ़ती कीमतों की वजह से चौतरफा आलोचना झेल रहे, खान ने शनिवार को अपने आर्थिक टीम के सदस्यों को मुख्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
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बता दें कि पाकिस्तानी जनता इस समय बेतहाशा महंगाई से त्रस्त है. खाने-पीने के सामान की कीमतों ने तो आम आदमी के मुंह से निवाला ही छीन लिया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, यहां टमाटर के दाम 150 फीसदी तक बढ़ चुके हैं.