अलर्ट! दिवाली के ठीक बाद पड़ रहा है सूर्य ग्रहण, जानें टाइम, डेट और किन बातों का आपको रखना है ध्यान

Solar Eclipse 2022 Date and Time:  सूर्य ग्रहण अमावस्‍या तिथि पर ही लगता है और दिवाली भी अमावस्‍या पर ही होती है. इस बार कुछ ऐसा संयोग बना है कि दिवाली की रात से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा. 
अलर्ट! दिवाली के ठीक बाद पड़ रहा है सूर्य ग्रहण, जानें टाइम, डेट और किन बातों का आपको रखना है ध्यान

अलर्ट! दिवाली के ठीक बाद पड़ रहा है सूर्य ग्रहण, जानें टाइम, डेट और किन बातों का आपको रखना है ध्यान (Zee Biz)

इस साल दीपावली 2022 (Deepavali 2022) का पंच दिवसीय त्‍योहार सूर्य ग्रहण के साये में होगा. 24 अक्‍टूबर को दिवाली का पर्व मनाया जाएगा और इसके अगले ही दिन यानी 25 अक्‍टूबर को सूर्य ग्रहण लगेगा. चूंकि सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) अमावस्‍या तिथि पर ही लगता है और दिवाली (Diwali) भी अमावस्‍या पर ही होती है. इस बार कुछ ऐसा संयोग बना है कि दिवाली की रात से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा. चूंकि इस बार का सूर्य ग्रहण भारत में भी देखा जा सकेगा, इसलिए इस बार सूतक के नियम (Sutak Rules) भारत में भी मान्‍य होंगे. जानिए ज्‍योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र से जानिए 25 अक्‍टूबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण से जुड़ी खास बातें.

भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण

25 अक्‍टूबर को लगने वाला ग्रहण भारत में दिखाई देने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा. इससे पहले 30 अप्रैल को सूर्य ग्रहण लगा था, जो भारत में नहीं दिखा था. ये सूर्य ग्रहण करीब 4 घंटे 3 मिनट का होगा और इसे भारत में आंशिक रूप से देखा जा सकेगा. सूर्य ग्रहण का आरंभ 25 अक्टूबर को दिन में 02 बजकर 29 मिनट पर लगेगा और इसका समापन शाम 06 बजकर 32 मिनट पर होगा. भारत में इसकी शुरुआत शाम को 04 बजकर 22 मिनट से होगी. इस ग्रहण का मोक्ष भारत में नहीं देखा जा सकेगा क्योंकि सूर्य ग्रहण समाप्त होने से पहले ही सूर्यास्त हो जाएगा.

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कितने बजे से लग जाएगा सूतक

सूर्य ग्रहण का नियम है कि इससे ठीक 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है. ये ग्रहण दिन में 02 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगा, इस हिसाब से सूतक काल भी दिवाली की रात यानी 24 अक्‍टूबर की रात को 02 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो जाएगा. भारत में सूतक 25 अक्‍टूबर की सुबह 04 बजकर 22 मिनट से लागू हो जाएंगे.

25 को नहीं होगी गोवर्धन पूजा

दिवाली के ठीक अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. लेकिन सुबह से सूतक के नियम लागू होने के कारण पूजा पाठ नहीं किया जा सकता. ये त्‍योहार 26 अक्‍टूबर को मनाया जाएगा. सूतक के दौरान पूजा-पाठ से संबंधित कार्य नहीं किए जाते हैं. मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. खाना-पीना और शयन करना वर्जित माना गया है. यदि आपके घर में भोजन बना हुआ है तो उसमें सूतक से पहले तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए. हालांकि मानसिक जाप में कोई मनाही नहीं होती.