Raksha Bandhan 2023: दो दिन की छुट्टी लें और फैमिली के साथ निकल जाएं इस ऑफबीट डेस्टिनेशन पर, ये ट्रिप भूल नहीं पाएंगे

इस बार रक्षा बंधन बुधवार और गुरुवार दो दिन पड़ रहा है. ऐसे में आपके पास परिवार के साथ क्‍वालिटी टाइम स्‍पेंड करने के लिए बेहतर मौका हो सकता है. दो दिनों की छुट्टी लेकर आप लॉन्‍ग वीकेंड का मजा ले सकते हैं.
Raksha Bandhan 2023: दो दिन की छुट्टी लें और फैमिली के साथ निकल जाएं इस ऑफबीट डेस्टिनेशन पर, ये ट्रिप भूल नहीं पाएंगे

वीकेंड ट्रिप के लिए बेस्‍ट है ये ऑफबीट डेस्टिनेशन, एक बार चले गए तो नैनीताल-मसूरी भी लगने लगेगा फीका


30 और 31 अगस्‍त को रक्षा बंधन का त्‍योहार आ रहा है. रक्षा बंधन हिंदुओं का काफी बड़ा त्‍योहार होता है. इस दिन तमाम जगहों की छुट्टी होती है. इस बार रक्षा बंधन बुधवार और गुरुवार दो दिन पड़ रहा है. ऐसे में आपके पास परिवार के साथ क्‍वालिटी टाइम स्‍पेंड करने के लिए बेहतर मौका हो सकता है. दो दिनों की छुट्टी लेकर आप लॉन्‍ग वीकेंड का मजा ले सकते हैं और परिवार के साथ घूमने के लिए जा सकते हैं. यहां जानिए ऐसी ऑफबीट डेस्टिनेशन के बारे में जो आपके ट्रिप को यादगार बना सकती है.

हम बात कर रहे हैं बिनसर की, ये उत्‍तराखंड की एक खूबसूरत जगह है और ऑफबीट डेस्टिनेशंस में से एक मानी जाती है. इस जगह की प्राकृतिक खूबसूरती देखने के बाद आप नैनीताल-मसूरी भी भूल जाएंगे. 2 से 3 दिनों में आप बहुत आसानी से इस ट्रिप को पूरा कर सकते हैं और आसपास की कुछ जगहों को भी एक्‍सप्‍लोर कर सकते हैं. जानिए बिनसर के आसपास आप कहां-कहां घूम सकते हैं.

कसार देवी

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कसार देवी के मंदिर का नाम आपने जरूर सुना होगा. 19वीं शताब्‍दी में स्‍वामी विवेकानंद ने यहां पर ध्‍यान किया था. स्‍वामी विवेकानंद को ये जगह इतनी पसंद आयी थी कि उन्‍होंने इसका जिक्र अपने लेखन में भी किया है. उसके बाद से ये जगह फेमस हो गई. कसार देवी अल्‍मोड़ा के एकदम नजदीक है. आप अगर बिनसर घूमने जाते हैं तो कसार देवी मंदिर जा सकते हैं. यहां जाने का अनुभव बहुत खास होगा.

वाइल्‍ड लाइफ सेंचुरी

अगर आप नेचर लवर हैं तो बिनसर आपके लिए किसी जन्‍नत से कम नहीं. ये ऐसी जगह है जहां से केदारनाथ की चोटियों, चखम्बा, नंदा देवी, पंचोली और त्रिशूल की चोटियों को देखा जा सकता है. यहां वाइल्‍ड लाइफ सेंचुरी है, जिसमें जाने के लिए आपको टिकट खरीदना पड़ता है. इसमें चलते हुए आप इतने घने जंगल तक पहुंच जाते हैं, जहां पर सूरज की रोशनी जमीन तक नहीं पहुंच पाती और आपको लगता है कि आप किसी अंधेरी जगह पर आ गए हैं. इस सेंचुरी में ही जीरो पॉइंट है. इस पॉइंट तक पहुंचने के लिए आपको करीब दो किमी की चढ़ाई करनी होती है. जीरो पॉइंट से दिखने वाला नजारा आप कभी भूल नहीं पाएंगे.

बिनेश्‍वर महादेव और चितई गोलू देवता

बिनेश्‍वर महादेव और चितई गोलू देवता, ये दोनों ही मंदिर भगवान शिव को समर्पित हैं. साथ ही इन मंदिरों की बहुत मान्‍यता है. दूर-दूर से लोग इस मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए आते हैं. बिनेश्‍वर महादेव 13वीं सदी का मंदिर है. इसका निर्माण चंद राजवंश के राजा कल्याण ने कराया था. वहीं गोलू देवता के मंदिर में लोग अर्जी लगाने के लिए दूर-दूर से आते हैं. अगर आप बिनसर जा रहे हैं, तो इन मंदिरों में जरूर जाएं.

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