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New Virus Zoonotic Langya in China 2022: चीन से निकली महामारी कोरोना वायरस ने दुनिया भर में तबाही मचाई. लेकिन, इसका सबसे ज्यादा असर चीन में ही देखने को मिल रहा है. Covid-19 के बाद चीन में एक बाद एक जूनोटिक बीमारियां फैल रही हैं. चीन के बीजिंग से एक और डराने वाली खबर सामने आई है. यहां लांग्या वायरस (Langya Virus) मिला है. डॉक्टर्स ने चेतावनी जारी की है कि ये वायरस काफी खतरनाक है. इस वायरस का नाम हेनिपावायरस (Henipavirus) या लांग्या वायरस (Langya virus ) बताया जा रहा है.
Zoonotic Langya ये वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है. चीनी मीडिया के मुताबिक, Zoonotic Langya अब तक शेडोंग और हेनान प्रांत के 35 लोगों को संक्रमित कर चुका है. ये एक गंभीर वायरस है. इससे संक्रमित व्यक्ति अगर गंभीर हो जाए तो तीन चौथाई संक्रमितों की मौत हो सकती है. हालांकि, अभी तक कोई मौत नहीं हुई है. मरीजों में फ्लू के लक्षण हैं. गले के स्वैब से लिए गए सैंपल से इस वायरस का पता चला है. संक्रमित लोगों में थकान, खांसी और मतली के लक्षण हैं. फिलहाल, लांग्या वायरस की कोई वैक्सीन या ट्रीटमेंट नहीं है.
लांग्या हेनिपावायरस का पहला मामला शू (Shrew) में पाया गया है. ये चूहे जैसा दिखने वाला एक जानवर है. इसे बायोलोजिकल टर्न में मैमल्स भी कहते हैं. लांग्या हेनिपावायरस नैचुरल रूप से इन जानवरों में होता है.

लांग्या वायरस निपाह वायरस की फैमिली से आते हैं, जो एक घातक वायरस है. निपाह वायरस आम तौर पर चमगादड़ में पाए जाते हैं. कोविड की तरह निपाह भी सांस लेने से निकली बूंदों से फैल सकता है. WHO ने निपाह को अगली महामारी का कारण बनने वाले वायरस के एक रूप में लिस्ट किया है. निपाह से जुड़ी कोई भी वैक्सीन अभी मौजूद नहीं है.

Zoonotic Langya वायरस के गंभीर लक्षणों में शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी देखी गई है. इसमें प्लेटलेट कम हो जाते हैं. ये सबसे ज्यादा इम्पैक्ट लिवर और किडनी को करता है. मामूली लक्षण में लीवर से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं. वहीं, गंभीर मामलों में लिवर फेल हो सकता है. ताइवान के रोग नियंत्रण केंद्र (Taiwan's Centers for Disease Control (CDC) की मानें तो, लांग्या वायरस की टेस्टिंग के लिए न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग (nucleic acid testing) की मदद ली जा रही है. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित "ए जूनोटिक हेनिपावायरस इन फेब्राइल पेशेंट्स इन चाइना" के एक अध्ययन में कहा गया है कि चीन में बुखार पैदा करने वाली ये बीमारी हेनिपावायरस से फैल रही है.