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Christmas एक ऐसा त्योहार है जिसका नाम सुनते ही सबसे पहले दो चीजें दिमाग में आती हैं, पहला लाल कपड़ों और सफेद दाढ़ी वाला सेंटा और दूसरा क्रिसमस ट्री. ये सेंटा इतना पॉपुलर है कि क्रिसमस आने से पहले ही बाजारों में बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए सेंटा क्लॉत के लाल कपड़ों, टोपी और दूसरे सामान नजर आने लगते हैं.
लेकिन अगर असली सेंटा क्लॉज (Santa Claus) की बात की जाए, तो कहा जाता है कि वो ऐसे बिल्कुल भी नहीं थे. वो एकदम सामान्य लोगों की तरह दिखते थे. कुछ किताबों में उनके रूप को एक पाइप पीने वाले पीते हुए स्लिम फिगर वाले इंसान के तौर पर दिखाया गया है. ऐसे में ये सवाल दिमाग में आना लाजमी है कि आखिर कहां से आया ये लाल कपड़ों और सफेद दाढ़ी वाला सेंटा क्लॉज? आइए आपको बताते हैं-
लाल कपड़ों वाले सेंटा के बारे में जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर सेंटा क्लॉज का ये कॉन्सेप्ट कैसे सामने आया और कौन था रियल सेंटा? सेंटा क्लॉज को लेकर कहा जाता है कि संत निकोलस असली सेंटा थे. संत निकोलस का जन्म तीसरी सदी (300 ए.डी.) में जीसस की मौत के 280 साल बाद तुर्किस्तान के मायरा नामक शहर में हुआ था. निकोलस बहुत दयालु थे.वे अनाथ बच्चों और जरूरतमंदों की मदद किया करते थे. हर साल 25 दिसंबर यानी यीशू के जन्मदिन के मौके पर गिफ्ट्स और चॉकलेट बांटा करते थे. उन्हें वाहवाही पसंद नहीं थी, इसलिए वे आधी रात में गरीब लोगों के घर जाकर बच्चों के लिए खिलौने और खाने पीने की चीजें चुपचाप रख आया करते थे.
धीरे-धीरे संत निकोलस की दरियादिली की कहानियां दूर-दूर तक फैल चुकी थीं. उनकी उदारता को देखकर लोगों ने उन्हें संत कहना शुरू कर दिया और वे संत निकोलस के नाम से प्रसिद्ध हो गए. संत निकोलस की मृत्यु के बाद लोगों ने वेश बदलकर गरीबों और जरूरतमंदों और बच्चों को 25 दिसंबर की रात को गिफ्ट और खाने पीने की चीजें देना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे ये एक प्रथा बन गई.
अब सवाल ये है कि आखिर लाल कपड़ों और सफेद दाढ़ी वाला सेंटा कहां से आया? तो इसका जवाब है कि ये सेंटा एक कार्टूनिस्ट की देन है.अमेरिका के पॉलिटिकल कार्टूनिस्ट थॉमस नैस्ट हार्पर्स वीकली के लिए कार्टून बनाया करते थे. 3 जनवरी 1863 में पहली बार उनका बनाया हुआ दाढ़ी वाला सेंटा क्लॉज का कार्टून मैगजीन में छपा था. इस कार्टून ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा. इसके बाद तमाम ब्रांड्स के प्रचार के लिए इस कार्टून का इस्तेमाल किया जाने लगा और सेंटा के रूप को लेकर कई तरह के प्रयोग किए जाने लगे.
इन तमाम प्रयोगों के बीच कोका-कोला का एक एड भी आया जिसमें लाल रंग के कपड़े पहने और सफेद दाढ़ी वाले सेंटा को दिखाया गया. इस एड में हैडन संडब्लोम नामक एक कलाकार सेंटा बना था. ये एड लोगों के बीच काफी पसंद किया गया और इसे लगातार 1931 से लेकर 1964 तक चलाया गया. लंबे समय तक लगातार जब इस रूप में लोगों ने सेंटा क्लॉज को देखा तो ये रूप उनके जेहन में बैठ गया. तब से सेंटा का यही रूप प्रसिद्ध हो गया.