महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) अहम भूमिका अदा कर रहे हैं. सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए इस सहायता समूहों को अपना उत्पाद बेचने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म मुहैया कराने का फैसला किया है.
1/6अभी तक सेल्फ हेल्प ग्रुप जो भी सामान बनाते रहे हैं, उनकी बिक्री अपने स्तर पर ही करते हैं. मेले, प्रदर्शनी में इनके सामानों की बिक्री होती है. लेकिन अब ये ग्रप्स अपना सामान ऑनलाइन भी बेच सकते हैं.
2/6सेल्फ हेल्प ग्रुप के 400 से ज्यादा सामान GeM के डैशबोर्ड पर दिखेंगे. जिस सरकारी एजेंसी या सरकारी ऑफिस को इन सामान की जरूरत होगी, वे यहां इन्हें देख कर अपनी पसंद का सामान चुन कर खरीद सकेंगे.
3/6GeM प्लेटफार्म पर बिकने वाले इन सामानों में हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, टेक्सटाइल, ग्रोसरी, पर्सनल हाइजीन के प्रोडक्ट शामिल हैं. इन प्रोडक्ट को सरस कलेक्शन के नाम से 'GeM' पर बिक्री के लिए रखा जाएगा.
4/6दीनदयाल अंत्योदय योजना और नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन के कार्यक्रम में जो सेल्फ हेल्प ग्रुप शामिल हैं, उनको इस प्लेटफार्म पर अपने सामान बेचने का फायदा मिलेगा.
5/6देश के 11 राज्यों के 913 सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के सामान 'GeM' पर बिकेंगे. खास बात ये है कि सरकारी दफ्तर इन सामान के खरीदार होंगे.
6/6केंद्र की इस योजना के उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश समेत 11 राज्यों को भी फायदा होगा. स्वयं सहायता समूहों के सामान की बिक्री और उनके प्रचार-प्रसार को फायदा होगा.