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30 जून तक ब्रोकर्स को करना होगा यह काम
Demat Accounts: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है. सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने डीमैट खाते (Demat Account) को लेकर नियमों में कुध बदलाव कर दिए हैं. डीमैट खाते खोलने वाले ब्रोकर्स की सही पहचान के लिए सेबी की तरफ से नियम कड़े कर दिए गए हैं.सेबी के नियम के अनुसार, जिन लोगों के पास डीमैट अकाउंट है उन्हें अब कुछ बातों का खास ख्याल रखना होगा.
सेबी ने ज्यादा ट्रांसपैरेंसी के लिए ब्रोकर्स की अलग पहचान के लिए नियम कड़े किए हैं. सेबी ने सोमवार को जारी किए गए सर्कुलर में कहा कि सभी ब्रोकर्स को सभी कैटेगरी के डीमैट खातों का नामकरण करना होगा. ताकि पता चल सके कि ब्रोकर ने जो डीमैट खाता खोला है वो किस मकसद के लिए है. सेबी ने इसके लिए ब्रोकर्स को 30 जून तक का मौका दिया है.
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अगर 1 जुलाई से खातों की टैगिंग या नामकरण नहीं होगा तो उन खातों से किसी भी शेयर की खरीद नहीं हो सकेगी. लेकिन अगर किसी कॉरपोरेट एक्शन यानि बोनस आदि की वजह से शेयर क्रेडिट होते रहेंगे. जबकि ही 1 अगस्त से कंप्लायंस न होने पर इन खातों से शेयर बेचे भी नहीं जा सकेंगे. एक्सचेंजेज और डिपॉजिटरीज को 1 जुलाई को और फिर 1 अगस्त को कंप्लायंस की रिपोर्ट सेबी को सौंपनी होगी. सेबी नियमों के तहत अभी कुल 5 किस्म के डीमैट खाते खोले जाते हैं.
सेबी ने आगे कहा कि अगस्त से बिना टैग वाले किसी भी डीमैट खाते में प्रतिभूतियों के डेबिट की भी अनुमति नहीं होगी. स्टॉक ब्रोकर को 1 अगस्त से ऐसे डीमैट खातों को टैग करने की अनुमति देने के लिए स्टॉक एक्सचेंजों से अनुमति लेनी होगी और बदले में एक्सचेंजों को अपनी आंतरिक नीति के अनुसार जुर्माना लगाने के बाद दो कार्य दिवसों के भीतर इस तरह की मंजूरी देनी होगी. सेबी ने कहा कि स्टॉक ब्रोकरों के सभी डीमैट खाते जो बिना टैग के हैं, उन्हें 30 जून, 2022 तक उचित रूप से टैग करने की आवश्यकता है.