गैस सिलेंडर का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है. इसके अलाव सरकार उज्जवला योजना में सभी को चूल्हा छोड़कर गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं. लेकिन, ज्यादातर लोग जो सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं करते उन्हें इसके नियम भी नहीं पता होंगे. ऐसा ही एक नियम है. अगर कोई गैस एजेंसी आपको सिलेंडर की होम डिलिवरी नहीं देती तो आपको सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी गोडाउन जाना पड़ेगा. ऐसे में आप उस गैस एजेंसी से एक तय राशि ले सकते हैं. इसके लिए आपको कोई गैस एजेंसी वाला मना नहीं करेगा.
1/6आपके पास जिस भी एजेंसी का कनेक्शन है उसके गोडाउन से आप सिलेंडर खुद लाते हैं तो आप एजेंसी से 19 रुपए 50 पैसा वापस ले सकते हैं. कोई भी एजेंसी यह राशि देने से इनकार नहीं करेगी. दरअसल, यह राशि बतौर डिलिवरी चार्ज आपसे लिया जाता है. सभी कंपनियों के सिलिंडर के लिए यह राशि तय है. हालांकि, महीनेभर पहले ही इस राशि को बढ़ाया गया है. पहले डिलिवरी चार्ज 15 रुपए थी, अब इसे बढ़ाकर 19 रुपए 50 पैसा किया गया है.
2/6कोई भी एजेंसी संचालक आपको यह राशि देने से मना करता है आप टोल फ्री नंबर 18002333555 पर उसकी शिकायत कर सकते हैं. अभी ग्राहकों को सब्सिडी वाले 12 सिलिंडर दिए जाते हैं. यह कोटा पूरा होने के बाद मार्केट रेट पर सिलिंडर खरीदना होता है.
3/6अगर आपके सिलेंडर का रेगुलेटर लीक है तो आप इसे फ्री में एजेंसी से बदल सकते हैं. इसके लिए आपके पास एजेंसी का सब्सिक्रिप्शन वाउचर होना चाहिए. आपको लीक रेगुलेटर को अपने साथ लेकर एजेंसी जाना होगा. सब्सक्रिप्शन वाउचर व रेगुलेटर के नंबर को मिलाया जाएगा. दोनों का नंबर मैच होने पर रेगुलेटर बदल दिया जाएगा. इसके लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा.
4/6अगर आपका रेगुलेटर किसी कारण से डैमेज हो जाता है तो भी एजेंसी इसे बदलकर देगी. लेकिन, इसके लिए एजेंसी कंपनी टैरिफ के हिसाब से आप से राशि जमा करवाएगी. यह राशि 150 रुपए तक होती है.
5/6अगर आपका रेगुलेटर चोरी हो जाए तो एजेंसी से नया रेगुलेटर चाहते हैं तो इसके लिए आपको पहले पुलिस में एफाईआर दर्ज करवानी होगी. एफआईआर रिपोर्ट की कॉपी जमा करने पर ही एजेंसी रेगुलेटर बदलकर देगी.
6/6रेगुलेटर खो जाए तो आप 250 रुपए की राशि जमा करके एजेंसी से अपना रेगुलेटर ले सकते हैं. ग्राहकों की सुविधा के लिए अब मल्टीफंक्शनल रेगुलेटर भी आ चुके हैं. इसमें रेगुलेटर यह बताया है कि आपकी टंकी में कितनी गैस बची है. रेगुलेटर की लाइफ टाइम वारंटी होती है लेकिन मैन्युफैक्चरिंग प्रॉब्लम होने पर ही रेगुलेटर फ्री में चेंज किया जाता है. अन्य में शुल्क वसूला जाता है.