ईरान (iran) और अमेरिका (US) के बीच तनातनी से इंटरनेशनल मार्केट में सोने (GOLD) के दाम में लगातार उछाल जारी है. इस तनाव से सोने के दाम में बीते सप्ताह 29 डॉलर से ज्यादा का उछाल आया. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी सोने का भाव मजबूत होगा. जानकार मानते हैं कि सोना 42000 के लेवल तक भी जा सकता है. भारतीय बाजार में भी सोने के भाव में लगातार तेजी का रुख है. महंगे सोने की वजह से भारत के सोने के आयात में भी गिरावट आई है. बीते साल सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे चुका है. फिलहाल सोने की कीमत बढ़ने के पीछे कुछ खास वजहें हैं.
1/5ईरान और अमेरिका के बीच टकराव से खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए फौजी तनाव गहराने से सोने के दाम को सपोर्ट मिल रहा है. अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है. (फोटो - रॉयटर्स)
2/5वैश्विक स्तर पर पिछले दिनों केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दरों में कटौती और डॉलर में जो कमजोरी रही उससे सोने की तेजी को सपोर्ट मिला. डॉलर में कमजोरी अभी भी बरकार है. (फोटो - रॉयटर्स)
3/5पिछले साल सोना में भारत में 23.77 प्रतिशत, जबकि इंटरनेशनल मार्केट में निवेशकों को 18.28 फीसदी का रिटर्न मिला है इसलिए सोने में निवेश के प्रति निवेशकों का रुझान बना हुआ है. सोने में तेजी के ट्रेंड के इतिहास पर नजर डालें तो जब भी महंगी धातु में तेजी आती है तो यह ट्रेंड तीन से चार साल तक चलती है. (फोटो - रॉयटर्स)
4/5सोने के दाम में तेजी का सबसे बड़ा कारक ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) के प्रति खरीदारी का रुझान है. पिछले साल ग्लोबल ईटीएफ लिवाली में करीब 295 टन का इजाफा हुआ और ईटीएफ होल्डिंग साल के आखिर में 2,308.6 टन रही. (फोटो - रॉयटर्स)
5/5अमेरिका और चीन के बीच बीते 18 महीनों के दौरान व्यापारिक मसलों को लेकर टकराव की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार सुस्त पड़ गई और अनिश्चितता का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ है. यही कारण रहा कि बीते साल 2019 में सोने में कुछ ज्यादा ही तेजी देखने को मिली. (फोटो - रॉयटर्स) (इनपुट आईएएनएस से)