जीवन में कई मौके ऐसे आते हैं जब पास में पैसे नहीं होते और जरूरत को पूरा करना होता है. ऐसे में आपको कोई ऑप्शन न दिखें तो घर में रखा सोना मददगार बन सकता है. दरअसल कई कंपनियां गोल्ड के बदले लोन देती हैं. इस लोन के पैसे से आप अपनी जरूरत को पूरी कर सकते हैं. गोल्ड लोन (Gold Loan) एनबीएफसी, प्राइवेट कंपनियां और कुछ सरकारी बैंक (Government Banks) भी देते हैं. इसमें सोने के आभूषण या सिक्के आदि को गिरवी रख लोन लिया जा सकता है. जब आप लोन की राशि चुका देते हैं तो आपको गिरवी रखा सोना वापस कर दिया जाता है.
1/5घरों में रखे सोने के बदले कंपनियां या बैंक सोने की वैल्यू की 75 प्रतिशत तक की राशि लोन के तौर पर देते हैं. एनबीएफसी कंपनियां या बैंक पहले आपके सोने की क्वालिटी चेक करते हैं. लोन काफी हद तक सोने की क्वालिटी पर निर्भर करता है.
2/5गोल्ड लोन के बदले कंपनियां या बैंक कस्टमर से आमतौर पर 10 से 15 प्रतिशत का ब्याज वसूलते हैं. साथ ही प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी भी चुकाना होता है. हालांकि यह बैंक पर निर्भर करता है.
3/5जब आप गोल्ड लोन लेते हैं तो इसका बात का जरूर ध्यान रखें कि रीपेमेंट में किसी भी तरह की देरी या दूसरी लापरवाही नहीं होनी चाहिए. अगर आप इससे चूकते हैं तो बैंक आपसे 2-3 प्रतिशत तक का जुर्माना ले सकता है, जो आपको काफी महंगा पड़ सकता है.
4/5गोल्ड लोन लेने की स्थिति में अगर आप तीन से ज्यादा गोल्ड लोन की मासिक किस्त यानी ईएमआई नहीं चुकाते हैं तब पेनाल्टी की राशि और बढ़ जाती है.
5/5कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान जब आपको गोल्ड लोन देता है तो उस समय जिस डॉक्यूमेंट पर बैंक आपसे सिग्नेचर कराती हैं, उसमें यह शर्त होता है कि अगर आप 90 दिनों तक लोन की ईएमआई नहीं चुकाते हैं तो ग्रेस पीरियड के बाद बैंक अपनी बकाया रकम की वसूली के लिए कस्टमर का गिरवी रखा सोना बेच सकता है. (फोटो - रॉयटर्स)