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एक स्टार्टअप (Startup) को सफल बनाना आसान नहीं होता. इसके लिए आंत्रप्रेन्योर (Entrepreneur) को बहुत सारी चुनौतियां का सामना करना पड़ता है. इनमें से एक बड़ी चुनौती है टैलेंटेड लोगों को हायर करना और फिर उन्हें रोके रखना. साथ ही उन्हें यह भी ध्यान रखना होता है कि वह कैसे अपने बजट को अच्छे से मैनेज करे. इसी बीच Elevation Startup PayPulse Report 2023 रिपोर्ट आई है, जो स्टार्टअप में कर्मचारियों की हायरिंग को लेकर एक अलग ही ट्रेंड दिखाती है. इसके हिसाब से फंडिंग विंटर (Funding Winter) होने के बावजूद साल 2022-23 में स्टार्टअप्स के कर्मचारियों की सैलरी में 8-11 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.
रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती और मिडिल लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यहां एक बड़ा सवाल ये उठता है कि कर्मचारियों की सैलरी किस आधार पर बढ़ाई गई है. सैलरी बढ़ाने यानी इनक्रीमेंट में 50 फीसदी योगदान कर्मचारियों के पिछले एक साल के प्रदर्शन का रहा है. वहीं अतिरिक्त जिम्मेदारियों और प्रमोशन की भूमिका करीब 20 फीसदी रही है. सैलरी बढ़ाने में जिन पहलुओं का ध्यान रखा गया है, उसमें नए असाइनमेंट में कितना काम हुआ, उसका 15 फीसदी योगदान है. वहीं अगर बात महंगाई और मार्केट कॉम्पटीशन की करें तो इसका भी 10 फीसदी योगदान रहा है. वहीं अन्य कामों का 5 फीसदी योगदान है.
इस रिपोर्ट के अनुसार CXOs और फंक्शन हेड जैसे टॉप लेवल के कर्मचारियों को सैलरी में इनक्रीमेंट देने के बजाय उन्हें स्टॉक आधारित वेतन देने का चलन बढ़ा है. यानी ESOP में बढ़ोतरी देखने को मिली है. Elevation Capital में टैलेंट के वाइस-प्रेसिडेंट, कालन एच ने कहा कि करीब 50 फीसदी कंपनियां कैश में कम से कम बढ़ोतरी के बदले अतिरिक्त इक्विटी पेमेंट ऑफर करने की सोच रही थीं. कुछ तो अभी भी सोच ही रही हैं और कुछ कंपनियों ने इक्विटी ऑफर का फैसला फाइनल कर लिया है.
ऐसा नहीं है कि सारे स्टार्टअप में अच्छा इनक्रीमेंट हुआ है. करीब 25 फीसदी ऐसे स्टार्टप हैं, जिन्होंने अपने कर्मचारियों का इनक्रीमेंट नहीं किया है. इन स्टार्टअप ने इनक्रीमेंट को एक या दो तिमाही के लिए टाल दिया है. हालांकि, इस रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों को उनका वैरिएबल पे यानी परफॉर्मेंस से जुड़ा भुगतान या बोनस 50 से लेकर 100 फीसदी तक दिया है.