अपना खुद का बिजनेस (Busienss) शुरू करना कौन नहीं चाहता है. कुछ ऐसे लोग होते हैं जो ऐसा कर भी लेते हैं, लेकिन अधिकतर लोग ऐसा करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाते. तो आखिर वो क्या है, जो लोगों को अपना बिजनेस या स्टार्टअप (Startup) शुरू करने नहीं देता. दरअसल, कुछ डर (Business Fear) हैं, जिनके चलते इंसान अपना बिजनेस शुरू नहीं कर पाता है. ऐसे एक-दो नहीं बल्कि 6 डर हैं, जो लोगों के पैरों की बेड़ियां बन जाते हैं. वहीं जो लोग इन डर का सामना कर लेते हैं, वह बिजनेस करते हुए सफल बन जाते हैं. जो इन डर से नहीं जीत पाते हैं, वह पीछे रह जाते हैं. आइए जानते हैं इन सभी डर के बारे में और साथ ही ये भी समझते हैं कि कैसे इन पर काबू पा सकते हैं.
1/12अक्सर आपने देखा होगा कि इनोवेटिव आइडिया हमेशा थोड़ा हट कर होते हैं. आज के वक्त में आपको बहुत सारे ऐसे स्टार्टअप ब्रांड देखने को मिलते हैं, जो चाय का बिजनेस कर रहे हैं. चाय एक ऐसा बिजनेस है, जिसे हमेशा से बहुत ही छोटा काम और ठेला लगाकर बेचने वाला काम माना जाता था. कुछ ऐसा ही पकौड़ा, चाय, जलेबी जैसे बिजनेस के साथ भी है. गोलगप्पे बेचना भी बहुत छोटा काम समझा जाता है. ऐसे में जब भी कोई शख्स किसी इनोवेटिव आइडिया के साथ बिजनेस करना चाहता है तो उसे सबसे पहला डर यही लगता है कि आखिर लोग क्या कहेंगे?
2/12इस डर से निपटने का सिर्फ एक ही तरीका है कि आप अपना दिल मजबूत बनाएं. जो लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश करें या पीछे खींचने की कोशिश करें, आपको उन्हें नजरअंदाज करना होगा. वहीं जो लोग आपकी सराहना करें, आपकी मदद करें, आपको उनकी बात सुननी चाहिए. आपको लोगों की बातों पर ध्यान देने से ज्यादा मार्केट के रेस्पॉन्स को देखना चाहिए कि वह कैसा है. अगर लोग आपके बिजनेस से प्रभावित हैं और आपकी कमाई हो रही है तो आपको ये बिल्कुल नहीं सोचना चाहिए कि लोग क्या कहेंगे.
3/12कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले जिस बात को लेकर लोग सबसे ज्यादा डरते हैं, वह है बिजनेस के फेल हो जाने का डर. लोगों को लगता है कि अगर वह फेल हो गए तो क्या होगा. लोगों को डर रहता है कि अगर बिजनेस नहीं चला तो उनका समय भी बर्बाद होगा और पैसे भी बर्बाद होंगे. वहीं नौकरी में एक गैप आ जाएगा, जिसकी वजह से बाद में दूसरी नौकरी मिलने में भी दिक्कत होगी. इतना ही नहीं, लोग यह भी सोचते हैं कि कुछ साल बिजनेस में गंवाने के बजाय अगर नौकरी करते रहेंगे तो सैलरी थोड़ी-थोड़ी ही सही, लेकिन बढ़ती तो रहेगी.
4/12इस डर से निपटना आसान तो नहीं है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है. आपको सिर्फ बिजनेस शुरू करने से पहले एक मार्केट रिसर्च करने की जरूरत है. इस रिसर्च से आपको अपने प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में मार्केट की प्रतिक्रिया मिल जाएगी. आपके लिए ये जानना आसान हो जाएगा कि आपका बिजनेस चलेगा या नहीं. ये भी समझना आसान हो जाएगा कि क्या बदलाव करने की जरूरत है.
5/12जब कभी दिमाग में बिजनेस शुरू करने का आइडिया आता है तो अक्सर लोग एक ही गलती करते हैं और वह पहले से ही चल रहे बिजनेस जैसा कुछ शुरू करना चाहते हैं. इसके बाद उन्हें डर लगने लगता है कि पहले से ही बाजार में इतना सारा कॉम्पटीशन है, ऐसे में उनका बिजनेस कैसे चलेगा. लोग कुछ नया इसलिए ट्राई करने से बचते हैं, क्योंकि उसका मार्केट टेस्ट नहीं हुआ है. वहीं पहले से मार्केट में बिकने वाले प्रोडक्ट्स या सर्विस की टेस्टिंग तो हो चुकी है.
6/12इस डर से निपटने के लिए आपको एक यूनीक आइडिया के साथ बाजार में उतरना होगा. साथ ही कोशिश करें कि आइडिया इतना शानदार हो, जिसे पेटेंट कराया जा सके और फिर उसे कोई चुरा भी नहीं पाएगा. हालांकि, नए आएडिया के साथ बाजार में उतरते वक्त आपको पहले मार्केट रिसर्च जरूर करनी चाहिए, ताकि उसके फेल होने के चांस कम हो सकें.
7/12अक्सर लोग ये कहते हुए बिजनेस करने से डरते हैं कि उनके पास तो रिसोर्स की ही कमी है. उनके पास ना इतने पैसे हैं, ना ही इतने कॉन्टैक्ट्स हैं, जिनकी मदद से बिजनेस को सफल बनाया जा सके. रिसोर्स होने का डर सबसे कमजोर डर होता है, जिससे आप आसानी से छुटकारा पा सकते हैं.
8/12बिजनेस शुरू करने से पहले रिसोर्स की बिल्कुल चिंता ना करें. ये ना सोचें कि आपके पास पैसों की कमी है या आपके कॉन्टैक्ट्स नहीं हैं. आप सिर्फ एक शानदार बिजनेस आइडिया सोचें. अगर आपका आइडिया शानदार रहा, तो आपके बिजनेस में पैसे लगाने वालों की लाइन लग जाएगी. अगर आइडिया में दम होगा तो लोग खुद आपसे कॉन्टैक्ट करेंगे. आपको सिर्फ एक शानदार बिजनेस प्लान बनाना होगा और फाइनेंसर ढूंढने में थोड़ी मेहनत करनी होगी.
9/12तमाम बिजनेस में ये डर हमेशा ही रहता है कि कहीं लोग ठुकरा ना दें. कहीं ऐसा ना हो जाए कि लोगों को प्रोडक्ट ही पसंद ना आए और लोग सिरे से खारिज कर दें. अगर ऐसा होता है कि बिजनेस में सिर्फ नुकसान ही हाथ लगता है. बहुत सारे स्टार्टअप इसी वजह से बंद भी होते हैं, क्योंकि जो आइडिया स्टार्टअप फाउंडर को यूनीक लगता है, वह बहुत सारे लोगों को कुछ खास पसंद नहीं आता.
10/12इस डर का सामना करने के लिए सबसे जरूरी है कि आपका आइडिया यूनीक तो होना ही चाहिए. साथ ही आपको बिजनेस शुरू करने से पहले मार्केट रिसर्च भी करनी होगी. इसमें एक अहम बात ये ध्यान रखनी होगी कि अगर लोगों से आपको कोई निगेटिव फीडबैक मिलता है तो उस पर अच्छे से विचार करें और सोचें कि क्या प्रोडक्ट में कोई बदलाव करने की जरूरत है? और अगर जरूरी लगे तो बदलाव करने भी चाहिए.
11/12ऐसे बहुत से स्टार्टअप आइडिया हैं, जिन पर सरकार की पॉलिसी का बहुत बड़ा असर होता है. हालांकि, यह डर हर स्टार्टअप फाउंडर के लिए नहीं होता है, क्योंकि हर बिजनेस में सरकार की पॉलिसी बदलने का बड़ा असर नहीं होता है. इसका सबसे अच्छा उदाहरण है गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया जाना, जिसकी वजह से बहुत सारे गेमिंग से जुड़े स्टार्टअप कर्मचारियों की छंटनी कर रहे हैं और कुछ तो बंद भी हो गए हैं.
12/12ऐसे डर से निपटने का कोई तरीका नहीं है. आपको बस करना इतना होगा कि अगर सरकार पॉलिसी लेवल पर ऐसा कोई बड़ा फैसला लेती है तो पहले इंडस्ट्री के साथ मिलकर सरकार से बात करने की कोशिश करें. अगर सरकार पॉलिसी में कोई बदलाव ना करें तो कोशिश करें कि अपने बिजनेस आइडिया या बिजनेस मॉडल में पॉलिसी के हिसाब से कोई बड़ा बदलाव करें. अगर जरूरत हो तो आप पूरा बिजनेस ही बदल कर दूसरे सेक्टर में एंट्री मार सकते हैं, जिसमें आपके पुराने बिजनेस के लिए की गई मेहनत और रिसोर्स का इस्तेमाल हो जाए.