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बेंगलुरु के ऑनलाइन गेमिंग स्टार्टअप Gameskraft ने अपने सुपर ऐप Gamezy को बंद करने का फैसला किया है. यह एक फैंटेसी गेमिंग सुपर ऐप था, जिसे 18 सितंबर से बंद कर दिया गया है. Gameskraft की तरफ से बहुत सारे रीयल मनी और कैजुएल गेम ऑफर किए जाते हैं, जिनमें लूडो और कार्ड गेम शामिल हैं. गेमिंग पर कुछ महीने पहले ही 28 फीसदी जीएसटी लगाए जाने का फैसला किया गया था, जिसके बाद तमाम कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है. इससे पहले भी कई गेमिंग स्टार्टअप ने अपना बिजनेस बंद कर दिया है.
कंपनी की तरफ से Gamezy को ऑनलाइन गेम्स के लिए एक सुपर ऐप की तरह डेवलप किया जा रहा था, जिस पर कई सारे प्रोडक्ट थे. फैंटेसी स्पोर्ट्स के साथ-साथ Gamezy पर रमी भी खेला जा सकता था. अभी कंपनी अपने रमी यूजर्स को एक अलग ऐप पर शिफ्ट करने की प्रोसेस में थी. इसी बीच कंपनी की तरफ से घोषणा हुई कि 18 सितंबर से Gamezy ऐप को बंद किया जा रहा है.
कंपनी की तरफ से यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के कुछ दिन बाद आया है. दरअसल, जीएसटी इटेंलिजेंस के डायरेक्टर जनरल की तरफ से कंपनी को 21 हजार करोड़ रुपये जीएसटी के तौर पर चुकाने का आदेश दिया गया था. इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट ने पलट दिया था, लेकिन फिर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी. अब इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में अक्टूबर में होगी. वहीं कंपनी ने कहा है कि गेम्सक्राफ्ट की तरफ से सुपर ऐप से हटकर इंडिविजुकल गेमिंग ऐप्स पर जाने की स्ट्रेटेजी का जीएसटी पर आए ताजा फैसले से कोई संबंध नहीं है.
कंपनी के प्रवक्त के अनुसार पिछले कुछ सालों में Gamezy सुपरऐप ने हमारे प्लेयर्स को बहुत सारी वैरायटी के गेम ऑफर किए थे. उनके लिए कई इंसेंटिव प्रोडक्ट लाए और लगातार इनोवेशन करते रहे. साथ ही यूजर्स को शानदार अनुभव मुहैया कराया, जिसे यूजर्स ने खूब सराहा. प्रवक्ता के अनुसार अब कंपनी इंडिविजुअल ऐप्स पर फोकस करेगी, जैसे RummyPrime और LudoCulture. फोकस तरीके से काम करते हुए हम अपने यूजर्स को और बेहतर सर्विस दे सकेंगे.
कुछ वक्त पहले सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला किया था. उसके बाद से अब तक बहुत सारी गेमिंग कंपनियां बंद हो चुकी हैं. कुछ समय पहले ही गुरुग्राम के रीयल मनी गेमिंग (Real Money Gaming) प्लेटफॉर्म Fantok ने भी अपने ऑपरेशन बंद करने की घोषणा की थी. कुछ समय पहले ही मोबाइल प्रीमियर लीग ने करीब 350 लोगों को नौकरी से निकाल दिया था. वहीं स्पार्टन पोकर ने करीब 125 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. यह सब सिर्फ इसलिए हुआ, क्योंकि जीएसटी की नई दरों की वजह से टैक्स का बोझ 350-400 गुना तक बढ़ गया है. Hike Rush Gaming Universe ने भी इसी वजह से करीब 22 फीसदी लोगों को नौकरी से निकाल दिया था. हाल ही में क्रिप्टो गेमिंग प्लेटफॉर्म One World Nation (OWN) और गेमिंग स्टार्टअप Quizy ने भी भारी-भरकम जीएसटी की वजह से अपने बिजनेस बंद कर दिए. सरकार से पूरी गेमिंग इंडस्ट्री जीएसटी पर फिर से विचार करने को कह रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने इसे कम नहीं किया है.