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कहते हैं दोस्ती (Friendship) सबसे प्यारा रिश्ता होता है. आप अपने दोस्त को वो सब बता सकते हो, जिसे किसी दूसरे को बताने में डरते हो. एक दोस्त हर पल अपने दोस्त का साथ देता है, भले ही वह कोई भी काम करे. वैसे तो दोस्ती के बहुत सारे किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन आज फ्रेंडशिप डे (Friendship Day) पर हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे दोस्तों के बारे में, जिन्होंने स्टार्टअप शुरू करने में एक-दूसरे की मदद की. आइए जानते हैं 5 ऐसे Startup के बारे में, जिनमें दोस्त ही बन गए को-फाउंडर और शुरू कर दिया अपना बिजनेस.
इसकी शुरुआत कॉलेज फ्रेंड्स रह चुके अनुभव दुबे और आनंद नायक ने की थी. चाय सुट्टा बार में ना तो सुट्टा है, ना ही ये कोई बार है. यह एक चाय कैफे है, जहां पर आपको कई तरह के फ्लेवर वाली चाय मिलती है. सबसे खास बात ये है कि ये चाय कुल्हड़ में मिलती है. आज के वक्त में चाय सुट्टा बार के 450 से भी ज्यादा स्टोर हैं और कंपनी का टोटल टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो चुका है.
यह एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जिसकी शुरुआत कुणाल बहल और रोहित बंसल ने की थी. बचपन के ये दोस्त साथ ही स्कूल जाते थे. दोनों ने आईआईटी की तैयारी भी एक साथ की. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों ने सोचा कि एक बिजनेस शुरू किया जाए और साथ मिलकर स्नैपडील की शुरुआत कर दी.
आज के वक्त में फ्लिपकार्ट को कौन नहीं जानता, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि इसके शुरू करने वाले दो दोस्त ही थे. ये दोस्त थे सचिन बंसल और बिन्नी बंसल. दोनों का सरनेम भले ही एक ही है, लेकिन दोनों अलग-अलग परिवारों से आते हैं और बचपन के दोस्त हैं. दोनों ही चंडीगढ़ में पले-बढ़े और फिर आईआईटी-दिल्ली से पढ़ाई की. उसके बाद दोनों ने कई कंपनियों में काम किया. आखिरी बार दोनों ने अमेजन में साथ काम किया था. इसी दौरान दोनों को एक बिजनेस शुरू करने का आइडिया आया और दोनों ने मिलकर भारत में फ्लिपकार्ट की शुरुआत की. हालांकि, आज के वक्त में दोनों ही फ्लिपकार्ट को छोड़कर बाहर निकल चुके हैं और फ्लिपकार्ट को वॉलमार्ट ने खरीद लिया है.
जब कभी भूख लगती है और बाहर से कुछ मंगाने का मन होता है तो अधिकतर लोगों के मन में जोमैटो का ख्याल आता है. बता दें कि यह कंपनी भी दो दोस्तों ने शुरू की थी. दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) और पंकज चड्ढा (Pankaj Chaddah) ने इसकी शुरुआत की थी. दोनों ने ही आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की है. हालांकि, उनकी दोस्ती हुई एक कंपनी Bain & Co में काम करने के दौरान. इसके बाद उन्होंने एक प्लेटफॉर्म की शुरुआत की, जिसकी मदद से तमाम रेस्टोरेंट से खाना मंगाया जा सकता है. इस स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए पहले दीपिंदर गोयल ने नौकरी छोड़ी और फिर पंकज चड्ढा ने भी अपनी नौकरी छोड़ दी.
इस स्टार्टअप की शुरुआत 3 दोस्तों ने की थी. Phanindra Sama, Sudhakar Pasupunuri और Charan Padmaraju, तीनों ने ही BITS-Pilani से साथ पढ़ाई की थी. यहां तक कि वह बेंगलुरु में एक ही अपार्टमेंट में रहते थे. redBus की शुरुआत करने से पहले Charan Padmaraju एक कंपनी Honeywell के साथ काम कर रहे थे. वहीं Sudhakar Pasupunuri उस वक्त IBM में थे. वहीं Phanindra Sama इससे पहले Texas Instruments में काम करते थे. 2006 में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने और एक स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया, जिसके बाद जन्म हुआ redBus का.