भारतीय रेलवे (Indian Railway) अपने कबाड़ हो चुके डिब्बों को ठीक करके उनमें अनोखे प्रयोग कर रहा है. लोग भी रेलवे के इस प्रयोग को काफी पसंद कर रहे रहे हैं. सांसद बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने आसनसोल रेलवे स्टेशन पर (Asansol Railway station) स्क्रैप हो चुके डिब्बे में शुरू किए गए रेस्टोरेंट का उद्घाटन किया.
1/5इस रेस्टोरेंट को Restaurant on Wheels थीम के तहत तैयार किया गया है. इस कबाड़ हो चुके डिब्बे में रेस्टोरेंट को बेहद खूबसूरती से तैयार किया गया है. रेस्टोरेंट के इंटीरियर को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है.
2/5आसनसोल में दो स्कैप हो चुके डिब्बों में इस तरह के रेस्टोरेंट तैयार किए गए हैं. उम्मीद की जा रही है कि इन रेस्टोरेंटों से रेलवे को अगले 05 सालों में 05 लाख से अधिक की कमाई होगी. रेलवे नॉन फेयर रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए कई प्रयास कर रही है. इसमें ये रेस्टोरेंट काफी मदद करेंगे.
3/5रेस्टोरेंट के अंदर लाइटिंग को भी बेहद सुंदर बनाया गया है. चाय की केतली के अंदर बल्ब लगा कर लाइट्स बनाई गई हैं जो रेस्टोरेंट को अलग तरह का लुक देती हैं. वहीं अंदर डिब्बों में लगी खिड़कियों के जरिए आप रेस्टोरेंट के अंदर बैठ कर बाहर का भी नजारा देख सकेंगे. यहां यात्रियों की मांग के अनुरूप खाने- पीने का सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
4/5हाल ही में साउथ वेस्ट रेलवे (SWR) अपने दो पुराने खराब हो चुके डिब्बों को स्कूल की क्लास में बदल दिया है. बच्चों और स्थानीय लोगों ने ये डिब्बे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इन डिब्बों को स्थानीय भाषा में ‘Nali Kali’ नाम दिया गया है. इसका मतलब है Joyful learning. इन डिब्बों को अशोकपुरम के रेलवे कॉलोनी स्थित प्राइमरी स्कूल में रखा गया है. स्कूल के बच्चे इस नए तरह के क्लासरूम को देखकर काफी उत्साहित हैं.
5/5हाल ही में रेलवे ने अपने कर्मचारियों की सुविधा हो ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेल के दानापुर कोचिंग डिपो में एक खराब हो चुके कोच को बिना कोई अलग से खर्चा किए उसे स्टाफ कैंटीन में बदल दिया है. इसे कैफेटेरिया के तौर पर विकसित किया गया है. इसमें एक साथ 40 लोग बैठ सकते हैं. कबाड हो चुके डिब्बे को खूबसूरत कैफिटेरिया में बदलने के रेलवे के इस प्रयोग को रेल कर्मचारी सहित यहां आने वाले लोग काफी पसंद कर रहे हैं. यहां पर मिलने वाले खाने-पीने के सामान की कीमत भी बेहद आकर्षक रखी गई है.