SBI MCLR Rates: भारतीय स्टेट बैंक ने रिवाइज एमसीएलआर (MCLR) की घोषणा की है. यह नई दरें 15 दिसंबर से प्रभावी हो जाएंगी और 15 जनवरी 2025 तक जारी रहेंगी. यह दरें होम लोन और पर्सनल लोन जैसी कई दरों पर अपना असर डालेंगी. हालांकि, एसबीआई (SBI) ने इस बार ब्याज दरों (Interest Rates) में कोई बदलाव नहीं किया है, बल्कि पिछले महीने 15 नवंबर जो बदलाव किया था उसे ही जारी रखा है. आइए जानते हैं क्या हैं दरें.
1/5भारतीय स्टेट बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, ओवरनाइट एमसीएलआर 8.2 फीसदी है. वहीं 1 महीने की दर भी 8.2 फीसदी है. 3 महीने की दर 8.55 फीसदी है. इनके अलावा 6 महीने की दर 8.90 फीसदी है और 1 साल की दर 9.00 फीसदी है. इनके अलावा 2 साल की दर 9 फीसदी है और 3 साल की दर 9.1 फीसदी है.
2/5बैंक के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा कि बैंक का 42 फीसदी ऋण खंड MCLR से जुड़ा है, जबकि शेष बाहरी बेंचमार्क पर आधारित है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि बैंकिंग प्रणाली में जमा दरें अपने उच्चस्तर पर हैं.
3/5MCLR वह न्यूनतम दर होती है जिसके नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता है. दरअसल जब आप किसी बैंक से लोन लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है. अब इसी आधार दर की जगह पर बैंक MCLR का इस्तेमाल कर रहे हैं.
4/5MCLR न्यूनतम दर है, ऐसे में ये साफ है कि बैंक इसके रेट के नीचे ग्राहकों को लोन नहीं दे सकते यानी MCLR जितना बढ़ेगा, लोन पर ब्याज भी उतना ही ऊपर जाएगा. ऐसे में मार्जिनल कॉस्ट से जुड़े लोन जैसे- होम लोन, व्हीकल लोन आदि पर ब्याज दरें बढ़ जाएंगी.
5/5ऐसा नहीं है कि MCLR बढ़ते ही आपकी ईएमआई भी बढ़ जाएगी. यहां पर गौर करने वाली बात ये है कि MCLR रेट बढ़ने पर आपके लोन पर ब्याज दरें तुरंत नहीं बढ़ती हैं. लोन लेने वालों की EMI रीसेट डेट पर ही आगे बढ़ती है.