अगर आपका अचानक ट्रेन से कहीं जाने का प्लान बने और आपको वेटिंग में टिकट मिलें तो सारी प्लानिंग पर पानी फिर जाता है. कई बार यात्री वेटिंग में टिकट लेकर चांस ले लेते हैं कि उनका टिकट शायद कन्फर्म हो जाए, लेकिन चार्ट बनने के बाद बी जब टिकट कन्फर्म नहीं होता है तो यात्रियों के पास दो विकल्प होते हैं. पहला- नियम तोड़कर ट्रेन में सफर करें या फिर ट्रेन छोड़ दें. लेकिन, अगर कोई आपसे कहे कि चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म टिकट मिल सकता है तो क्या होगा? जी हां ये मुमकिन है.
1/5ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट बनने के 10 मिनट बाद भी कन्फर्म टिकट मिल सकता है. ट्रेन में बिना कन्फर्म टिकट के सफर करना कानून अपराध है. इसलिए जरूरी है कि आप यह जान लें कि कैसे कन्फर्म टिकट मिलेगा.
2/5रेलवे में चार्ट बनने के बाद और ट्रेन छूटने से पहले कुछ शर्तों के साथ कन्फर्म टिकट पाने को लेकर एक नियम है. इस नियम के लिए इंडियन रेलवे ने देश के ज्यादातर स्टेशन पर करंट टिकट काउंटर खोल रखे हैं.
3/5करंट टिकट काउंटर ठीक उसी तरह काम करता है जैसे स्टेशन पर रिजर्वेशन काउंटर करते हैं. रेलवे का करंट टिकट काउंटर बनाने का मकसद चार्ट बनने के बाद और ट्रेन छूटने से पहले तक खाली सीटों को भरा जा सके. इससे ट्रेनों में सीटें खाली नहीं रहेंगी. यह सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से मिलती है.
4/5काउंटर से टिकट लेने के लिए भी आपको एक रिजर्वेशन फॉर्म भरना पड़ेगा. यह फॉर्म नॉर्मल रिजर्वेशन फॉर्म की तरह ही होता है. फॉर्म में पूरी डिटेल भरने के बाद विंडो पर बैठे क्लर्क को देना होगा. क्लर्क उस ट्रेन में चार्ट बनने के बाद बची हुई सीटों का स्टेट्स चेक करेगा और अगर सीट खाली होगी तो बिना कोई अतिरिक्त चार्ज लिए रिजर्वेशन चार्ज के साथ टिकट बुक कर देगा. सीट खाली न होने पर आपको इसकी जानकारी भी दे देगा.
5/5देशभर के ज्यादातर स्टेशन के लिए बिना स्टेशन जाए आप ऑनलाइन भी ये पता कर सकते हैं कि आखिर चार्ट बनने के बाद किस ट्रेन में कितनी सीटें खाली रह गई हैं. अगर आपको ट्रेन में सीट खाली दिखाई देती है तो ऑनलाइन भी इसका टिकट बुक किया जा सकता है या फिर करंट काउंटर पर जाकर टिकट ले सकते हैं.