&format=webp&quality=medium)
बुधवार की रात बक्सर जिले के रघुनाथपुर स्टेशन के पास एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया. हादसे के दौरान नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस (12506) के 21 डिब्बे पटरी से उतर गए. इस हादसे में फिलहाल 4 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने की बात सामने आ रही है. ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरने का ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार ट्रेन के डीरेल होने के मामले सामने आते रहे हैं. जबकि जिस तरह से पहियों की बनावट होती है, उसमें ट्रेन का पटरी से उतरना आसान नहीं होता. फिर आखिर बार-बार क्यों ये घटनाएं सामने आ रही हैं. आखिर क्या है ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह.
ट्रेन के हादसों को रोकने के लिए ट्रेन की पटरियों का मरम्मत कार्य होते रहना बहुत जरूरी है. दरअसल तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण धातु से बनी रेल की पटरियां गर्मी के महीनों में फैलती हैं और सर्दियों में सिकुड़ती हैं. ऐसे में इन्हें नियमित रूप से रखरखाव की जरूरत होती है. जरा सी लापरवाही बड़े हादसे की वजह बन सकती है.
इस मामले में अगर 2022 के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट को देखें तो साल 2022 की तुलना में 2021 में रेल दुर्घटनाओं में 38.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, 17,993 दुर्घटनाओं में से 19.4 प्रतिशत महाराष्ट्र में हुई, इसके बाद पश्चिम बंगाल का नंबर रहा है. ज्यादातर हादसों की बड़ी वजह ड्राइवर की गलती, रेलवे ट्रैक पर तोड़फोड़, सिग्नलमैन की लापरवाही और मशीनी खराबी आदि रहे हैं.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें