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मौजूदा निवेश से मनचाहा रिटर्न नहीं मिल रहा है तो पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का वक्त है.
2020 में आप पैसा बनना चाहते हैं, लेकिन नहीं जानते कि आपका ये टारगेट कैसे पूरा होगा. इस परेशानी को दूर करने के लिए आनंदराठी वेल्थ मैनेजमेंट के डिप्टी CEO फिरोज अजीज बता रहे हैं वेल्थ क्रिएशन का वो सटीक फॉर्मूला जो आपके हाथ में देगा वेल्थ क्रिएशन की चाबी.
मौजूदा समय में बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन का असर देखने को मिल रहा है. दो देशों के बीच तनाव के चलते कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव जारी है. मार्केट में अनिश्चितता के चलते सोने के दाम आसमान छू रहे हैं.
ऐसे में निवेशक परेशान हैं कि उनका पैसा सुरक्षित कहां रहेगा.
वेल्थ क्रिएशन के लिए इक्विटी
वेल्थ क्रिएशन के लिए इक्विटी पर भरोसा कर सकते हैं.
अगले कुछ महीनों में इक्विटी वेल्थ क्रिएशन के लिए बेस्ट.
मौजूदा समय में मिड कैप वैल्यूएशन पर कर रहे ट्रेड.
आने वाले समय में मिड कैप का दिख सकता है प्रदर्शन.
मिड कैप और स्मॉल कैप में हो रहा है सुधार.
मिड और स्मॉल कैप दे सकते हैं लार्ज कैप को मात.
एक्टिवली मैनेज्ड फंड में स्ट्रैटजिक अलोकेशन रखें.
60% लार्ज कैप, 40% मिड और स्मॉल कैप में रखें.
मनचाहा रिटर्न नहीं तो क्या करें
मौजूदा निवेश से मनचाहा रिटर्न नहीं मिल रहा है.
तो पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का वक्त है.
पोर्टफोलियो को 65:35 के रेश्यो में करें डिवाइड.
65:35 में 65% इक्विटी, 35% डेट में निवेश.
इक्विटी आपकी वेल्थ क्रिएशन में करेगा मदद.
डेट पोर्टफोलियो में जोखिम करने का करेगा काम.
डेट पर लगाएं दांव
डेट को पोर्टफोलियो को हिस्सा बनाना जरूरी.
डेट में भी क्रेडिट रिस्क फंड में निवेश सही.
क्रेडिट रिस्क फंड का रिटर्न 7.5% से 8% के बीच.
ड्यूरेशन फंड पर इंटरेस्ट रेट मूवमेंट का असर.
एक्रुअल डेट फंड में निवेश बनाए रखना बेहतर.
क्रेडिट रिस्क फंड से अच्छे रिटर्न की उम्मीद.
क्रेडिट फंड्स ने 5 साल में दिया अच्छा रिटर्न.
क्रेडिट डाउनग्रेड के बाद भी क्रेडिट फंड्स चमके.
वेल्थ क्रिएशन के लिए 5 आदतें
अगर आप वास्तव में मार्केट से पैसा कमाना चाहते हैं तो निवेश के साथ-साथ आपको अपनी कुछ आदतों में भी बदलाव करना होगा.
लक्ष्यों के मुताबिक निवेश
निवेश की पहली सीढ़ी है कि आप लक्ष्य तय करें.
लक्ष्य तय कर निवेश करने से होते हैं कई फायदे.
पता होता है कि कितना और कहां निवेश करना है.
लक्ष्य आधारित निवेश वित्तीय चिंता कम करता है.
लक्ष्य सामने आने पर आपके पास जरूरी फंड होगा.
लक्ष्य आधारित न होने से निवेश निरंतर रहना मुश्किल.
हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए निवेश कर लेते हैं विद्ड्रॉ.
इंश्योरेंस लें
निवेश और इंश्योरेंस दो अहम पहलू हैं.
खुद के लिए टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस ले लें.
टर्म प्लान आपके बाद परिवार का सुरक्षा कवच.
इंश्योरेंस निवेश नहीं बल्कि सुरक्षा का साधन है.
निवेश और इंश्योरेंस को अलग-अलग रखें.
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SIP की जल्द शुरुआत
म्यूचुअल फंड में निवेश की जल्दी शुरुआत करें.
जितना जल्दी शुरुआत, उतना ज्यादा फायदा.
छोटी-छोटी रकम से कर सकते हैं शुरुआत.
लंबी अवधि में छोटी रकम बनेगी बड़ा फंड.
वेल्थ क्रिएशन के लिए जल्द SIP बेहतर.
कैसे बनाएं पोर्टफोलियो?
पोर्टफोलियो में अलग-अलग असेट क्लास शामिल करें.
पोर्टफोलियो में इक्विटी और डेट का संतुलन बनाएं.
डायवर्सिफिकेशन पर दें जरूरी ध्यान.
पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन ही दिलाएगा रिटर्न.