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SIP Calculator से समझ सकते हैं कि कैसे ये फंड तैयार होगा और कितने महीने इन्वेस्मेंट करना होगा.
SIP Calculator: टीवी या सोशल मीडिया पर वो ऐड देखा है.. म्यूचुअल फंड सही है? अगर हां तो आपने अभी तक निवेश क्यों नहीं किया? रिस्क से डर लगता है? लेकिन, रिस्क है तो इश्क भी तो है ना. खुद म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) के रिटर्न बताते हैं कि किसी भी इन्वेस्टमेंट टूल के मुकाबले करोड़पति (Crorepati) बनना यहां आसान है. हालांकि, लक्ष्य लंबी अवधि के लिए होना चाहिए. ये एक ऐसा ऑप्शन है, जिसमें आसानी से लॉन्ग टर्म में आप 2 करोड़ रुपए बना सकते हैं. ऐसी कई स्कीम्स हैं, जिन्होंने लंबी अवधि में 12 से 15 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है.
अगर रिस्क लेने से डर लगता है तो म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश करें. इसके जरिए भी बड़ा फंड बनाया जा सकता है. मान लेते हैं कि आप 15 साल का पीरियड लेते हैं तो आपको 2 करोड़ रुपए मिल सकते हैं. 15 साल में 2 करोड़ बनाना सुनने में ही मुश्किल लगता है. लेकिन, ये आसान है. SIP Calculator से समझ सकते हैं कि कैसे ये फंड तैयार होगा और कितने महीने इन्वेस्मेंट करना होगा.
SIP Calculator की मदद से समझते हैं कि कैसे 15 साल में 2 करोड़ रुपए का फंड बनाने के लिए आपको कितना निवेश करना होगा. 2 करोड़ का टारगेट लेते हैं और 15 साल में लक्ष्य पूरा करना है तो हर महीने 40,000 रुपए निवेश करना होगा. इस पर अनुमानित रिटर्न 12% का लगाएं तो आपके पास उस अवधि में 2,01,83,040 रुपए मिलेंगे. इस दौरान आपका निवेश 72 लाख रुपए का होगा.
आपने 15 साल तक SIP के जरिए हर महीने 40,000 रुपए का निवेश किया और देखेंगे 15 साल में आपका पैसा करीब 1.29 करोड रुपए बढ़ गया. इस पूरी अवधि में निवेश 72 लाख रुपए होगा. हालांकि, यहां जरूर ध्यान रखें कि यह अनुमानित रिटर्न है, बाजार में उतार-चढ़ाव का असर म्यूचुअल फंड स्कीम (Mutual Funds return) की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है.
एक्सपर्ट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड SIP में जिनती जल्दी हो निवेश शुरू करें. क्योंकि, इससे आपको लॉन्ग टर्म तक रिटर्न का बेनेफिट मिलता है. मान लीजिए आने 25 साल उम्र में मंथली 40,000 रुपए की SIP शुरू की तो 40 साल उम्र में आपके पास 2 करोड़ रुपए होंगे.
SIP Calculator से अंदाजा लगा सकते हैं कि निवेश का ये सिस्टमेटिक तरीके से आपको सीधे बाजार के रिस्क का सामना नहीं करना पड़ता है. वहीं, रिटर्न भी ट्रेडिशनल प्रॉडक्ट से ज्यादा मिलता है. हालांकि, इसमें भी रिस्क रहता है. इसलिए निवेशक को अपनी इनकम, टारगेट और रिस्क प्रोफाइल देखकर निवेश का फैसला करना चाहिए.
Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें. ऊपर बताई गई कैलकुलेशन अनुमान के आधार पर है.
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