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कोरोना काल के मुश्किल समय ने एक बात सबको जरूर सिखाई है कि हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए. कब किसके साथ क्या हो जाए कुछ नहीं पता. ऐसी अप्रत्याशित स्थितियों से निपटने के लिए इमरजेंसी फंड तो जरूरी होता ही है, साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म इंश्योरेंस वगैरह भी काफी जरूरी है. हेल्थ इंश्योरेंस बीमारी के समय में आपको मदद देता है और टर्म इंश्योरेंस आपके बाद आपके परिवार को आर्थिक मदद देता है.
आमतौर पर टर्म इंश्योरेंस थोड़े महंगे होने के कारण गरीब, जरूरतमंद और कम आय वाले लोग इसे नहीं खरीद पाते हैं. ऐसे लोगों के लिए सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana-PMJJBY) मददगार हो सकती है. ये एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है जो आपके न होने पर आपके परिवार को वित्तीय मदद प्रदान करता है. सरकार द्वारा चलाई जा रही इस स्कीम का प्रीमियम इतना कम है कि इसे 5000-7000 रुपए महीने की कमाई करने वाले भी आसानी से खरीद लेंगे. जानिए इस स्कीम से जुड़ी खास बातें.
सरकार की इस स्कीम के तहत बीमाधारक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को 2 लाख तक की आर्थिक मदद दी जाती है. मुश्किल समय में ये मदद परिवार की कई जरूरतों को पूरा कर सकती है. अगर को व्यक्ति सरकार की इस स्कीम का फायदा लेना चाहता है तो उसे सालाना मात्र 436 रुपए देकर इस प्लान को खरीदना होता है. 436/12=36.3 यानी हर महीने अगर कोई व्यक्ति करीब 36 रुपए भी बचा ले, तो आराम से इसका सालाना प्रीमियम दे सकता है.
18 से 50 साल तक का कोई भी व्यक्ति इस इंश्योरेंस प्लान को खरीद सकता है. PMJJBY इंश्योरेंस प्लान का कवर पीरियड 1 जून से 31 मई तक होता है यानी आप साल में किसी भी महीने में इसे खरीदें, लेकिन कवरेज आपको 31 मई तक ही मिलेगा, 1 जून को आपको इसे दोबारा रिन्यू कराना होगा. योजना का फायदा लेने के लिए आपके पास बैंक अकाउंट होना जरूरी है. अगर आपने इस स्कीम के तहत रजिस्टर्ड करवाते समय Automatic Renewal चुना है तो हर साल 25 मई से 31 मई के बीच पॉलिसी के 436 रुपए अपने आप ही आपके अकाउंट से काट लिए जाते हैं.
इस पॉलिसी को लेने के लिए आपको किसी तरह के मेडिकल टेस्ट की जरूरत नहीं होती है. बीमा पॉलिसी के सहमति पत्र में कुछ खास बीमारियों का जिक्र होता है, आपको घोषणापत्र में बताना होता है कि आप उन बीमारियों से ग्रसित नहीं हैं. अगर आपकी ये घोषणा गलत साबित होती है, तो आपके परिवार को इस स्कीम का लाभ नहीं मिलता है. इसके अलावा इस स्कीम में बीमा प्रीमियम के रूप में जमा रकम पर सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स छूट का फायदा भी लिया जा सकता है.
अगर आप इस पॉलिसी को लेना चाहते हैं तो जिस बैंक में आपका अकाउंट है, वहां से ही इसका फॉर्म ले सकते हैं. फॉर्म के जरिए अकाउंट होल्डर से इस बात की सहमति ली जाती है कि वो पॉलिसी के लिए अपने अकाउंट से पैसा कटवाने को तैयार है या नहीं. इसके बाद बाकी का सारा काम बैंक ही करता है. इसके अलावा कुछ बैंक नेटबैंकिंग और कुछ एसएमएस के जरिए भी इस पॉलिसी की सुविधा देने लगे हैं.
नॉमिनी को उस बैंक में क्लेम करना होता है जहां संबंधित व्यक्ति का इंश्योरेंस था. डेथ सर्टिफिकेट जमा करना होगा और डिस्चार्ज रिसिप्ट के साथ ही दूसरे जरूरी कागजात देने होते हैं. नियम अनुसार दुर्घटना से 30 दिनों के अंदर क्लेम करना जरूरी है.