पिछले कुछ सालों में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में डिजिटल फ्रॉड के भी केस सामने आ रहे हैं. कई केस में तो ग्राहकों का बैंक खाता भी खाली हो गया है. तो अगर आप इस तरह के फ्रॉड से बचना चाहते हैं तो सावधान हो जाएं. इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल सावधानी से करें. बता दें कि UPI ने थोड़े ही समय में बाजार में अपनी लोकप्रियता बना ली है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने से पहले जान लें कि आपको किन बातों से बचना है.
1/5टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, UPI से भुगतान करने वाले यूजर्स की संख्या 10 करोड़ के पार पहुंच चुकी है. लेकिन, डिजिटल इकोनॉमी में जैसे भुगतान के तरीके विकसित हुए हैं. वैसे ही फ्रॉड का खतरा भी लगातार बढ़ा है. फ्रॉड करने वाले भी आपको फंसाने के नए पैंतरे अपनाते हैं. जरा सी चूक और आपकी गाढ़ी कमाई एक झटके में साफ हो जाती है. इसलिए जरूरी है कि फ्रॉड से अलर्ट रहें और समय-समय पर खुद इन फ्रॉड से बचाने के लिए अपडेट रखें.
2/5आपको बता दें कि फ्रॉड करने के लिए सभी लोग नए-नए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं. इस फ्रॉड से बचने के लिए पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक समय-समय पर अपने ग्राहकों को अलर्ट भेजते रहते हैं. बैंक लगातार अपने ग्राहकों को ई-मेल और SMS के जरिए अलर्ट करते हैं. साथ ही फर्जीवाड़े से बचने के लिए टिप्स भी देते हैं.
4/5बता दे कि धोखेबाज फ्रॉड के लिए AnyDesk ऐप का इस्तेमाल करते हैं. यह एक कानूनी ऐप है. इस ऐप की मदद से आप यूजर की स्क्रीन को देख सकते हैं. इस ऐप की मदद से धोखा करने वाले लोग ग्राहकों के फोन तक पहुंच जाते हैं और बाद में बैक अकाउंट की सारी डिटेल्स चोरी कर लेते हैं. HDFC बैंक ने इस ऐप को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है.
5/5फ्रॉड से बचने के लिए ग्राहकों कभी भी डेबिट कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, रजिस्ट्रेशन, ओटीपी जैसी डिटेल किसी के साथ भी शेयर नहीं करनी चाहिए. कोई भी बैंक किसी भी ग्राहक से उसके कार्ड की डिटेल या ओटीपी नहीं मांगता है तो अगर ऐसा कोई भी कॉल आता है तो उससे बचें. इसके अलावा किसी भी लिंक पर क्लिक न करें. UPI MPIN को भी किसी के साथ शेयर मत कीजिए.