नौकरी करने वाले लोगों के लिए पीएफ अकाउंट अच्छे ब्याज के साथ सेविंग करने का मौका देता है. सरकार ने कोरोना महामारी के दौर में लोगों को पीएफ में जमा पैसा निकालने का मौका भी दिया है जिससे किसी भी पीएफ अकाउंट होल्डर को पैसों की परेशानी न हो. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं उन 5 सामान्य गलतियों के बारे में जिसके कारण ईपीएफ विदड्रॉल का आवेदन रिजेक्ट हो सकता है.
1/6बता दें आपके पीएफ क्लेम का पैसा उसी खाते में क्रेडिट किया जाएगा, जो EPFO के रिकॉर्ड में दर्ज होगा. इसलिए आप क्लेम करते समय अकाउंट की डिटेल को ध्यान से भरें. अगर आप गलत अकाउंट नंबर या फिर किसी दूसरे खाते का नंबर एंटर करते हैं तो आपका एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाएगा.
2/6इसके अलावा आपका अकाउंट नंबर UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) से लिंक्ड हो. अगर आपका अकाउंट लिंक नहीं होगा तो भी पैसा मिलने में परेशानी हो सकती हैं. इसके अलावा, ईपीएफओ के रेकॉर्ड में दर्ज IFSC नंबर भी सही होना चाहिए.
3/6अगर किसी भी अकाउंट होल्डर की केवाईसी पूरी नहीं होगी तो भी आपका एप्लीकेशन रद्द हो सकता है. आपकी केवाईसी डिटेल पूरी होने के साथ-साथ वेरीफाई भी होनी चाहिए. केवाईसी कंप्लीट और वेरिफाई है या नहीं, इसकी जांच आप अपने मेंबर ई-सेवा अकाउंट में लॉगइन कर चेक कर सकते हैं.
4/6EPFO में दर्ज जन्मतिथि और नियोक्ता के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि अगल-अलग होती है तो भी आपका एप्लीकेशन कैंसिंल हो सकता है. हाल में ईपीएफओ ने 3 अप्रैल को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें उसने ईपीएफओ के रेकॉर्ड में दर्ज जन्म तिथि को सही करने तथा यूएएन को आधार से जोड़ने के लिए नियमों में ढील दी थी. अब आप जन्मतिथि को 3 साल तक ठीक करा सकते हैं.
5/6इसके अलावा यूएएन को आधार से लिंक होना भी जरूरी है. अगर आपका यूएएन आधार से लिंक नहीं है तो आपका ईपीएफ विदड्रॉल क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. यूएएन या ईपीएफ अकाउंट को आधार से लिंक करने के चार तरीके हैं. आप घर बैठे भी इसे लिंक कर सकते हैं.
6/6इसके अलावा अगर फाइनैंशल इमर्जेंसी को लेकर विदड्रॉल के लिए क्लेम कर रहा है तो उसको तीन शर्तों को पूरा करना सबसे जरूरी है. अगर कोई भी खाताधारक इन तीन शर्तों को पूरा नहीं करता है. तो उसका एप्लीकेशन कैंसिल हो जाएगा. पहला-UAN ऐक्टिवट होना जरूरी है, दूसरा- आधार वेरिफाई हो और यूएएन से लिंक्ड हो, तीसरा- सही IFSC के साथ बैंक अकाउंट यूएएन से लिंक हो.