Sovereign Gold Bond: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश के जरिए डिस्काउंट पर निवेश करने का मौका है. वित्त वर्ष 2023 के लिए गोल्ड बॉन्ड स्कीम की पहली किस्त सोमवार से खुल गई है. 24 जून 2022 तक यह स्कीम सब्सक्रिप्शन के लिए खुली रहेगी. इश्यू प्राइस 5,091 रुपए/ग्राम पर तय किया गया है. ऑनलाइन आवेदन करने वाले इन्वेस्टर्स को इश्यू प्राइस पर 50 रुपये प्रति ग्राम डिस्काउंट मिलेगा. इसके लिए पेमेंट डिजिटली करना जरूरी है. ऐसे इन्वेस्टर्स के लिए इश्यू प्राइस 5,041 रुपये प्रति ग्राम है. अगर आपने भी SGB में निवेश किया है, तो आपको इससे जुड़े 5 अहम बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए.
1/5SGB की मैच्योरिटी आठ साल होती है. जबकि, लॉक इन पीरियड पांच साल है. ध्यान रखें कि अगर आपने एसजीबी को मैच्योरिटी तक बनाए रखा, तो आपको निवेश पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होगा.
2/5सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश पर गारंटीड रिटर्न मिलता है. निवेशकों को 2.5 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा, जिसका भुगतान हर छह महीने पर किया जाएगा. फिजिकल गोल्ड की तरह इसके सेफ स्टोरेज का झंझट नहीं रहता है. एसजीबी में निवेश करना अधिक सुरक्षित है.
3/5SGB का इस्तेमाल लोन के कोलेटरल के लिए किया जा सकता है. लोन टू वैल्यू (LTV) रेश्यो सामान्य गोल्ड लोन की तरह होता है. जिसके लिए आरबीआई समय-समय पर नियम तय करता है.
4/5गोल्ड क्वाइन और बार की तरह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में GST नहीं देना होता है. जब भी आप डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, आपको फिजिकल गोल्ड की तरह 3 फीसदी जीएसटी देना होगा. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर कोई मेकिंग चार्ज नहीं देना होता है.
5/5रिजर्व बैंक की ओर से नोटिफाई तारीख को जारी होने के 15 दिन के भीतर स्टॉक एक्सचेंजों पर बॉन्ड का कारोबार होगा. बता दें, यह स्कीम 2015 में लॉन्च हुई थी. रिजर्व बैंक की ओर से सब्सक्रिप्शन के लिए इसे किस्तों में जारी किया जाता है.
(सभी फोटो प्रतीकात्मक)