अगर आप अपने भविष्य को सिक्योर करना चाहते हैं तो समझदारी इसमें है कि आप अपनी नौकरी के साथ ही इसकी तैयारी शुरू कर दें. कुछ ऐसी स्कीम्स में निवेश करें, जहां से आप अपने रिटायरमेंट तक मोटा पैसा जोड़ सकें. लेकिन आपको बुढ़ापे के लिए कितना पैसा जोड़ना है, इसके बारे में पहले आपको कैलकुलेशन कर लेना चाहिए.
1/5दरअसल जिस तरह समय के साथ महंगाई बढ़ रही है, आपकी पैसे की जरूरत भी उतनी ही बढ़ रही है. ऐसे में आपको ये समझना बहुत जरूरी है कि आज आप जितनी रकम को पर्याप्त समझते हैं, क्या वो आपके बुढ़ापे पर पर्याप्त रहेगी? आज हम 1 करोड़ रुपए की बात करते हैं तो हमें ये बहुत बड़ी रकम लगती है, लेकिन आज से कुछ सालों बाद इसकी कीमत बहुत ज्यादा नहीं होगी. ये बात ध्यान में रखकर आपको इतना पैसा जोड़ना होगा.
2/5इसके लिए Rule of 70 आपकी मदद करेगा. ये बताता है कि कितने समय मे आपकी जमा पूंजी की वैल्यू आधी हो जाएगी. इसके लिए आपको मौजूदा महंगाई दर के बारे में पता होना चाहिए. जब आप 70 में मौजूदा महंगाई दर का भाग देंगे तो आपके सामने जो संख्या निकलकर आएगी, उससे आपको पता चल जाएगा कि कितने सालों में आपकी कुल जमा पूंजी की वैल्यू घटकर आधी हो जाएगी.
3/5उदाहरण से समझें- मान लीजिए कि मौजूदा समय में महंगाई दर 6 फीसदी है. ऐसे में फॉर्मूला अप्लाई करते हुए 70 में 6 का भाग दें. 70/6 = 11.66 यानी करीब साढ़े ग्यारह सालों में आपकी जमा पूंजी की कीमत आधी हो जाएगी. मतलब अगर आज के समय में एक अच्छा जीवन बिताने के लिए एक करोड़ रुपए चाहिए तो आज से करीब साढ़े ग्यारह साल बाद आपको अच्छे जीवन के लिए दो करोड़ रुपए की जरूरत होगी क्योंकि तब एक करोड़ की कीमत 50 लाख रुपए के बराबर होगी.
4/5इस तरह से आप ये अंदाजा लगा सकते हैं कि आपको बुढ़ापे पर बेहतर तरीके से जीवन बिताने के लिए कम से कम कितनी पूंजी चाहिए होगी. इस हिसाब से आपको निवेश करना होगा. निवेश भी ऐसी जगह करें जहां पर आपको मंहगाई दर की दोगुनी दर से ब्याज मिल सके. इससे आप तेजी से वेल्थ क्रिएशन कर पाएंगे.
5/5इन्वेस्टमेंट उन जगहों पर करें, जहां पर आपको कंपाउंडिंग इंटरेस्ट का फायदा मिले. कंपाउंडिंग में निवेश को वेल्थ में बदलने की क्षमता होती है. आप जितने लंबे समय के लिए निवेश करेंगे, उतना ज्यादा कंपाउंडिंग का फायदा उठा सकते हैं. वेल्थ क्रिएशन के लिए आप कंपाउंडिंग बेनिफिट्स देने वाली स्कीम्स जैसे पीपीएफ, एनपीएस, एसआईपी वगैरह में ज्यादा से ज्यादा निवेश करें. इसके अलावा नौकरीपेशा वीपीएफ के जरिए अपना निवेश ईपीएफ में भी बढ़ा सकते हैं और इसके जरिए अच्छा-खासा रिटायरमेंट फंड जोड़ सकते हैं.