Post office senior citizen scheme: अपने कल को अच्छा बनाने के लिए सभी लोग नई-नई स्कीमों में पैसा लगाते रहते हैं और हमेशा बेहतर विकल्प की तलाश करते हैं. अगर आप भी अपने मां-बाप या अपने बुढ़ापे के लिए कोई अच्छा ऑप्शन सर्च कर रहे हैं तो पोस्ट ऑफिस एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. पोस्ट ऑफिस आपके बुढ़ापे के लिए senior citizen scheme लेकर आया है. इस स्कीम में आपको एफडी की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है. इसके साथ ही कई अन्य फायदे भी मिलते हैं. आइए आपको इस स्कीम के बारे में डिटेल में बताते हैं-
1/7सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme - SCSS) में खाता खुलवाने के लिए आपकी आयु सीमा 60 साल होनी चाहिए. 60 साल या उससे ज्यादा आयु के लोग ही इस स्कीम में खाता खुलवा सकते हैं. इसके अलावा जिन लोगों ने VRS, यानी Voluntary Retirement Scheme ले रखी है वह लोग भी इस स्कीम में खाता खुलवा सकते हैं.
2/7इस स्कीम में खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम राशि 1000 रुपए है. इसके अलावा इस खात में आप अधिकतम 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं रख सकते हैं. इसके अलावा अगर आपकी खाता खुलवाने की रकम एक लाख रुपए से कम है तो आप नकद पैसे देकर भी खाता खुलवा सकते हैं. वहीं, एक लाख रुपए से ज्यादा पर खाता खुलवाने के लिए आपको चेक देना होगा.
3/7SCSS का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल की है, लेकिन अगर निवेशक चाहें तो इस समय सीमा को बढ़ाया भी जा सकता है. इंडिया पोस्ट वेबसाइट के मुताबिक, आप मैच्योरिटी के बाद इस स्कीम को 3 साल के लिए बढ़ा सकते हैं. इसको बढ़ाने के लिए आपको पोस्ट ऑफिस में जाकर आवेदन करना होगा.
4/7बात दें इस स्कीम में आपको जमा की गई पूंजी पर सालाना 8.7 फीसदी का दर से ब्याज मिलता है. इसके साथ ही इस स्कीम के तहत निवेशकों को इनकम टैक्स में लाभ भी मिलता है. इसके साथ ही खाताधारकों को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत छूट मिलती है. अगर ब्याज की रकम 50,000 रुपये सालाना से ज्यादा होती है, तो TDS काटा जाता है.
5/7सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme - SCSS) में निवेशकों को ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है. यानी आपको अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर व जनवरी के पहले वर्किंग डे को क्रेडिट कर दिया जाता है.
6/7इस स्कीम के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इंडिया पोस्ट की वेबसाइट https://www.indiapost.gov.in/ की ऑफिशियल साइट चेक कर सकते हैं.
7/7इसके अलावा अगर आप मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने से पहले इस स्कीम को बंद कराते हैं तो पोस्ट ऑफिस आपकी बचत की रकम में कुछ डिडक्शन कर लेगा. अगर आप एक साल बाद प्रीमैच्योर क्लोजिंग करते हैं तो पोस्ट ऑफिस आपकी जमा रकम का 1.5 फीसदी हिस्सा काट लेता है और बची हुई राशि आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाती है.