पोस्ट ऑफिस (Post Office) में पॉपुलर स्मॉल सेविंग स्कीम में एक खास स्कीम है किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra) यानी केवीपी. डाकघर में किसान विकास पत्र में निवेश पर चक्रवृद्धि के आधार पर ब्याज मिलता है. इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, KVP बचत योजना में जमा राशि 9 साल 4 महीने में दोगुना हो जाती है. आप भी डाकघर में किसान विकास पत्र में निवेश कर सकते हैं और बेहतर रिटर्न भी पा सकते हैं. देशभर में भारतीय डाक के करीब 1.5 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस में किसान विकास पत्र में निवेश करने की सुविधा उपलब्ध है.
1/6इंडिया पोस्ट के इस सेविंग स्कीम में अकाउंट ओपन करने के लिए एक बार 1000 रुपये देने होते हैं. हालांकि इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है. आप 100 रुपये के मल्टीपल में जितनी चाहे पैसे निवेश कर सकते हैं. (फोटो - रॉयटर्स)
2/6किसान विकास पत्र में निवेश के तौर पर जमा राशि पर फिलहाल 7.6 प्रतिशत का ब्याज मिलता है. ब्याज सालाना जमा होता है. भारतीय डाक की वेबसाइट के मुताबिक, यह राशि 112 महीने या 9 साल 4 महीने में दोगुना हो जाती है. (फोटो - रॉयटर्स)
3/6किसान विकास पत्र अकाउंट आप खुद यानी व्यक्तिगत तौर पर भी खोल सकते हैं. इसके अलावा चाहें तो नाबालिग के नाम पर भी अकाउंट खोला जा सकता है और दो वयस्क मिलकर ज्वाइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं. (फोटो - रॉयटर्स)
4/6किसान विकास पत्र की मेच्योरिटी अवधि या लॉक-इन पीरियड की बात की जाए तो इसे सर्टिफेकट जारी होने की तारीख से 30 महीने यानी ढाई साल के बाद इन कैश किया जा सकता है. किसान विकास पत्र में निवेश पर आपको टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है. इसमें इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 सी के तहत इनकम टैक्स का फायदा भी मिलता है. (फोटो - ज़ी बिज़नेस)
5/6किसान विकास पत्र में निवेश पर मिलने वाले ब्याज पर वित्त मंत्रालय तिमाही समीक्षा करता है. मंत्रालय अब इस पर 31 मार्च 2020 को समीक्षा करेगा. हो सकता है इस समय मंत्रालय किसान विकास पत्र पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव भी कर दे.
6/6किसान विकास पत्र में निवेश की सुविधा देशभर में किसी भी डाकघर में उपलब्ध है. इसमें कस्टमर को नॉमिनी की भी सुविधा मिलती है. साथ ही इसमें एक डाकघर से दूसरे डाकघर में आप चाहें तो अपना अकाउंट ट्रांसफर भी कर सकते हैं. यहां तक कि केवीपी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भी ट्रांसफर किया जा सकता है.(फोटो - रॉयटर्स)