PPF, Gratuity, Health Insurance, Life Insurance सहित Tax Saving हमारे पास कई सारे विकल्प हैं, जिनके लिए इनकम टैक्स में छूट मिलती है. आप इनकम टैक्स (Income Tax) में कई बीमारियों के इलाज पर भी टैक्स छूट ले सकते हैं, जो IT की धारा 80DDB में कवर होती है. इसमें खुद या परिवार के आश्रित सदस्य की बीमारी पर हुए खर्च का डिडक्शन क्लेम होता है.
1/8आपको बता दें कि यह क्लेम लेने के लिए आपको डॉक्टर से सर्टिफिकेट लेना होगा. इसमें 60 साल से कम उम्र के लोगों को अधिकतम 40 हजार रुपए की छूट मिलेगी जबकि सीनियर सिटीजन के लिए अधिकतम 1 लाख रुपए का क्लेम किया जा सकता है.
2/8> सेक्शन 80DDB के तहत टैक्स छूट > टैक्स पेयर या डिपेंडेंट व्यक्ति के मेडिकल ट्रीटमेंट खर्च पर टैक्स छूट > विशेष बीमारी से पीड़ित है तो 40,000 तक डिडक्शन क्लेम कर सकता है > सीनियर सिटिजन के इलाज पर 1 लाख तक खर्च पर टैक्स छूट > छूट क्लेम करने के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट का बिल दिखाना जरूरी > इलाज का खर्च बीमा कंपनी से मिला तो टैक्स फायदा बचे खर्च पर > इम्पलॉयर की ओर से रिंबर्स होने पर बचे खर्च पर टैक्स कटौती का फायदा
3/8> सेक्शन 80DD और 80U के तहत टैक्स छूट > टैक्सपेयर किसी अक्षमता से ग्रस्त है तो 75000-सवा लाख रुपए तक टैक्स छूट > 75000 तक का टैक्स डिडक्शन शारीरिक, मानसिक तौर पर दिव्यांग के लिए > गंभीर रूप से शारीरिक दिव्यांगता के मामले में टैक्स कटौती 1.25 लाख रुपए
4/8परिवार में डिपेंडेंट सदस्य-पत्नी, मां-पिता, बच्चे या आश्रित भाई-बहन शामिल हो सकते हैं. हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के मामले में यह परिवार का कोई सदस्य हो सकता है.
5/8आयकर विभाग टैक्स छूट कुछ खास बीमारियों पर देता है. इनमें अटैक्सिया (Ataxia), डिमेंशिया (Dementia), अफेसिया (Aphasia), डिस्टोनिया मस्कुलोरम डिफॉर्मेंस (Dystonia Musculorum Deformans), पार्किंसंस (Parkinsons Disease), मोटर न्यूरॉन डिजीज (Motor Neuron Disease), रीनल फेलियर (Chronic Renal failure), कैंसर (Cancer), एड्स (Aids) और हीमैटोलॉजिकल (Hematological disorders) शामिल हैं.
6/8अगर आपने इन बीमारियों में से किसी के इलाज पर खर्च किया है तो इसकी छूट पाने के लिए डॉक्टर से बीमारी का सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा. ये डॉक्टर सरकारी या प्राइवेट अस्पताल किसी के भी हो सकते हैं.
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