देशभर में हुए लॉकडाउन के बाद सरकार की ओर से EPFO (Employees' Provident Fund Organisation) कर्मचारियों को पीएफ की राशि निकालने की परमिशान दी गई थी, जिसका फायदा अभी तक लगभग 12 लाख लोगों ने उठाया है. आज अपनी पांचवी किस्त का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala sitharaman) ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करीब 12 लाख सदस्यों ने लॉकडाउन के दौरान 3,360 करोड़ रुपए की निकासी की है.
1/5ईपीएफओ ने 28 मार्च को कर्मचारियों को देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से पैदा हुई दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ से अग्रिम निकालने की अनुमति दी थी. श्रमिकों को यह राशि वापस जमा नहीं करानी होगी. कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है, जिसके कारण कई लोगों को कामधंधा बंद है.
2/5सीतारमण ने रविवार को आर्थिक पैकेज की पांचवीं किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले दो महीने में ईपीएफओ के 12 लाख सदस्यों ने 3,360 करोड़ रुपए निकाले हैं. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले कर्मचारी भविष्यि निधि संगठन (EPFO) ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के तहत 12 लाख दावों का निपटान किया है.
3/5ईपीएफ से पैसे निकालने का योजना जो सरकार की ओर से बनाई गई है वह पीएमजीकेवाई (PMGKY) योजना का हिस्सा है. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत आपको पीएफ से पैसा निकालने की सुविधा दी गई है.
4/5इस प्रावधान के तहत सदस्य तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर या सदस्य के खाते में पड़ी राशि का 75 फीसदी, जो भी कम हो, निकाल सकते हैं. इस राशि को उन्हें वापस जमा कराने की जरूरत नहीं होगी.
5/5सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 2.2 करोड़ भवन और निर्माण श्रमिकों को पीएमजीकेवाई योजना के तहत 3,950 करोड़ रुपए दिए गए. इससे पहले मार्च में श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने सभी राज्यों से 52,000 करोड़ रुपए के निर्माण उपकर से 3.5 करोड़ निर्माण श्रमिकों को वित्तीय मदद देने को कहा था.