रिटायरमेंट के लिए प्रोविडेंट फंड से बेहतर निवेश विकल्प कोई नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि, EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) में निवेश करने वालों को काफी फायदे मिलते हैं. पहला फायदा ये है कि इनकम टैक्स में सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट है. साथ ही ब्याज भी काफी अच्छा है.