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पैन कार्ड को लेकर इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. (फोटो: PTI)
पैन कार्ड को लेकर इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. क्योंकि, बजट में सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए पैन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. अब आधार से भी आईटीआर भरा जा सकेगा. लेकिन, पैन को आधार से लिंक कराने की अनिवार्यता खत्म नहीं हुई. पैन को आधार से लिंक कराने की अंतिम तारीख 31 सितंबर है. इसे लिंक नहीं कराने पर यह रद्द किया जा सकता है. लेकिन, सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि पैन कार्ड आखिर होता क्या है. पैन या परमानेंट अकाउंट नंबर 10 डिजिट का एक ऐसा नंबर है, जो आपकी फाइनेंशियल स्टेट्स को दिखाता है. आयकर विभाग की ओर से इसे जारी किया जाता है. शॉपिंग से लेकर आयकर रिटर्न भरने तक आज पैन की अहमियत काफी ज्यादा है.
आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए अभी तक पैन अनिवार्य रहा है. वहीं, कुछ अन्य जरूरी काम काजों के लिए भी पैन अनिवार्य किया गया है. 5 लाख या उससे अधिक की अचल संपत्ति को खरीदने के दौरान भी पैन का उल्लेख करना जरूरी है. आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसे सभी नियमों को साफ-साफ बताया गया है.
जानिए क्यों होना चाहिए पैन कार्ड
कैसे बनवाएं पैन कार्ड
अगर आप आयकर भुगतान के दायरे में आते हैं तो आपके लिए पैन कार्ड काफी जरूरी है. पैन कार्ड के लिए आपको 49ए फॉम डाउनलोड करना होता है. इसे आप आयकर विभाग की वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं. हालांकि, यह फॉर्म आयकर पैन सेवा केंद्रों पर भी उपलब्ध होता है.
आवेदन के बाद आपको एक नंबर दिया जाता है. इसके जरिए आप यह पता कर सकते हैं कि आपके पैन कार्ड का स्टेटस क्या है. कहने का मतलब यह है कि आप इसके जरिए यह पता कर सकते हैं कि आपका पैन कार्ड बनने की किस प्रक्रिया से गुजर रहा है और आपको यह कितने दिन में मिल जाएगा, यह तमाम जानकारी आपको मिल सकती है. पैन कार्ड बनवाने में 150 से 200 रुपए तक का खर्च आता है. पैन कार्ड के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है.