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सिर्फ ITR फाइल करने तक सीमित नहीं है पैन कार्ड की जरूरत, इसके हैं कई फायदे
पैन यानी परमानेंट अकाउंट नंबर (Pan Card) 10 डिजिट का एक ऐसा नंबर होता है जिसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से जारी किया जाता है. तमाम लोग सोचते हैं कि पैन कार्ड की जरूरत आईटीआर फाइल करने के लिए होती है. लेकिन ऐसा नहीं है. आज के समय में पैन कार्ड आधार की तरह ही एक बेहद जरूरी दस्तावेज बन चुका है. यही वजह है कि भारत सरकार ने पैन को आधार कार्ड से लिंक (Pan-Aadhar Linking) करना अनिवार्य कर दिया है. अकाउंट खुलवाने से लेकर आईटीआर (ITR) फाइल करने तक पैन कार्ड होना काफी जरूरी है. अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आपके कई काम अटक सकते हैं. इसके अलावा पैन कार्ड बनवाने के कई अन्य फायदे (Pan Card Benefits) भी हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं होती. यहां जानिए इसके बारे में.
अगर आप लोन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपका सिबिल स्कोर अच्छा होना बहुत जरूरी है. सिबिल स्कोर के जरिए ही ये तय किया जाता है कि लोन व्यक्ति को दिया जाना चाहिए या नहीं और कितने ब्याज दर पर दिया जाना चाहिए. अगर आपके पास पैन कार्ड है तो आप अपने सिबिल स्कोर को आसानी से जान सकते हैं. आमतौर पर 700 या इससे ऊपर के सिबिल स्कोर को अच्छा माना जाता है.
अगर आप अपने एक बार से ज्यादा बार लोन लिया है या आप अपनी फाइनेंशियल गतिविधियों को एक बार फिर से रिवाइज करना चाहते हैं तो पैनकार्ड के जरिए आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाना होगा. यहां लॉग इन करके 26AS फॉर्म डाउनलोड कर लें. अब इस फॉर्म के जरिए आप अपने पैन कार्ड के जरिए की गई सारी फाइनेंशियल गतिविधियों को चेक कर सकते हैं. इससे आपको ये पता चल जाएगा कि कौन सा लोन आपने कब लिया है.
अगर आपने कोई हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदा है और उसके संबंध में क्लेम (दावा) एक लाख रुपए से ज्यादा है तो ऐसी स्थिति में पॉलिसीधारकों के लिए पैन और आधार कार्ड देना जरूरी होता है.
अगर आप ज्वेलरी की खरीददारी कर रहे हैं और उसकी कीमत 5 लाख या इससे ज्यादा है तो आपके पास पैन कार्ड का होना बहुत जरूरी है. पैन कार्ड की डीटेल्स के बगैर आपके लिए ये संभव नहीं हो पाएगा. यानी ज्वेलरी की खरीददारी में भी पैन कार्ड उपयोगी है.