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नया साल शुरू होने में बस कुछ ही दिन बचा है. साल के साथ-साथ कई चीजें बदलने वाली हैं. इसमें आपसे जुड़ी कई चीजें है, जो डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रूप से जुड़े बदलाव शामिल हैं. नए साल में होने वाले बदलावों में GST रेट, बैंक लॉकर के नियम, CNG-PNG की कीमतें, क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम शामिल हैं. सरकार की तरफ से जारी बदलाव सभी के लिए अनिवार्य होंगे.
कोरोना महामारी में ढील के बाद PFRDA ने इसे लेकर एक नया आदेश जारी किया, जिसके मुताबिक सरकारी क्षेत्र के सभी ग्राहकों (केंद्र, राज्य और केंद्रीय स्वायत्त निकाय) के ग्राहकों को अब आंशिक निकासी (NPS Partial Withdrawal) के लिए अपना एप्लिकेशन अपने नोडल ऑफिसर के पास ही जमा करना होगा. बता दें कि पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने जनवरी 2021, में NPS सब्सक्राइबर्स को सेल्फ-डिक्लरेशन की मदद से आंशिक निकासी के लिए ऑनलाइन एप्लिकेशन डालने की मंजूरी दी थी.
रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बैंक लॉकर से जुड़े नई गाइडलाइन जारी की है. नए नियम 1 जनवरी 2023 से लागू हो जाएंगे. इसके तहत लॉकर के मुद्दे पर बैंक अब ग्राहकों के साथ मनमानी नहीं कर पाएंगे. नए नियम के मुताबिक अगर बैंक लॉकर में रखे सामान को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए बैंक की जवाबदेही होगी. इसके लिए बैंक और ग्राहको के बीच एग्रीमेंट साइन किया जाएगा, जोकि 31 दिसंबर तक के लिए वैध रहेगा. बैंकों को लॉकर से जुड़े नियमों में बदलाव के बारे में ग्राहकों को सभी जानकारी SMS और अन्य माध्यमों से देनी पड़ेगी.
1 जनवरी 2023 से क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट करने पर मिलने वाले रिवार्ड प्वाइंट में बदलाव है. नए साल की शुरुआत से HDFC बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट पर मिलने वाले रिवॉर्ड प्वाइंट्स में बदवाल करेगा. ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्रेडिट कार्ड में बचे सभी रिवॉर्ड प्वाइंट का भुगतान 31 दिसंबर 2022 से पहले ही कर लें. क्योंकि 1 जनवरी 2023 से नए नियमों के तहत रिवॉर्ड प्वाइंट की सुविधाएं दी जाएंगी.
नए साल में 1 जनवरी से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव के साथ ही CNG और घरों की रसोई में इस्तेमाल होने वाली PNG गैस की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है. बीते एक साल के दौरान देश की राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में CNG कीमतों में 70 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है. वहीं अगस्त 2021 के बाद से अबतक PNG दरों में 10 बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
GST ई-इन्वॉयसिंग और इलेक्ट्रॉनिक बिल से जुड़े नियमों में भी अहम बदलाव होंगे. सरकार ने GST की ई-इन्वॉयसिंग के लिए अनिवार्य सीमा को 20 करोड़ रुपए से घटाकर पांच करोड़ रुपए कर दी है. ऐसे में जिन व्यापारियों का टर्न ओवर पांच करोड़ रुपए या उससे ज्यादा है उनके लिए अब इलेक्ट्रॉनिक बिल जनरेट करना जरूरी हो जाएगा.
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IT डिपार्टमेंट ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि जो पैन (Permanent Account Number) अगले साल मार्च के अंत तक आधार से नहीं लिंक कराएंगे उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाएगा. यह बदलाव जनवरी महीने से ना होकर अप्रैल महीने की पहली तारीख से लागू होगी.