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Financial Planning Tips
Best Financial Planning Tips: अपने पैसे की पावर को समझना बहुत जरूरी है. अगर लक्ष्य और प्लानिंग सही हो तो फाइनेंशियल गोल्स को आसानी से हासिल किया जा सकता है. पैसे से पैसा बनाना या अपने फाइनेंशियल गोल्स हासिल करने की पहली सीढ़ी है कि आपको एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा. एक्सपर्ट कहते हैं, फाइनेंशियल गोल बनाने में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि उसे कैसे तय किया जाए. अगर कुछ बुनियादी समझ हो और तय समय-सीमा के साथ लक्ष्य बनाया जाए, तो उसे आसानी से हासिल किया जा सकता है.
मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड की डायरेक्टर पल्का अरोरा चोपड़ा कहती हैं, अगली पीढ़ी के लिए विरासत छोड़ना हो या मकान खरीदना हो, आपके लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है उसे हासिल करने के लिए फाइनेंशियल गोल तय करना जरूरी है. लक्ष्य कैसे निर्धारित करें यह समझना, एक फाइनेंशियल प्लान बनाने का पहला कदम है.
सबसे पहले, पर्सनल फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट और मॉनिटरी एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाते रहें. नए बदलावों से अपडेट रहें. आपकी समझ जितनी ज्यादा होगी, आप अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों के लिए बेहतर ऑप्शन चुनने में उतने ही ज्यादा सक्षम बनेंगे. ज्यादा से ज्यादा रिटर्न हासिल करने का प्रयास करना अच्छा है, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि आपके लक्ष्य आपकी मौजूदा फाइनेंशियल परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर प्रेक्टिकल और हासिल करने योग्य रहें. कभी भी अव्यावहारिक लक्ष्य नहीं तय करना चाहिए. इससे आपको निराशा हाथ लगेगी.
उनका कहना है, आपके फाइनेंस को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए एक बजट के पहलू को ध्यान में रखना जरूरी है. इसके लिए सबसे पहले अपने इनकम के स्रोत और अपने सभी खर्चों की लिस्ट बनाएं. अपने बजट के भीतर अपने लक्ष्यों के लिए फंड आवंटित करें. इससे आपको यह अच्छी तरह समझ आ जाएगा कि आपका पैसा कहां जा रहा है और ज्यादा बचत के लिए आप कहां कटौती कर सकते हैं.
एक्सपर्ट का कहना है, टाइमफ्रेम के आधार पर फाइनेंशियल गोल तय करें. तात्कालिक लक्ष्यों जैसे 1-3 साल के फाइनेंशियल लक्ष्यों के लिए सेविंग्स जैसे सुरक्षित ऑप्शन होने चाहिए. वहीं, इंटरमीडियएट यानी 3-5 साल के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए म्यूचुअल फंड और ETF की जरूरत पड़ती है. लॉन्ग टर्म यानी 5 साल से ज्यादा के फाइनेंशियल गोल्स को हासिल करने के लिए म्यूचुअल फंड्स, इक्विटी और SIPs कारगर होता हे. लंबी अवधि में इन प्रोडक्ट्स में ज्यादा रिटर्न मिलता है.
उनका कहना है, फाइनेशियल लक्ष्य तय करने और उसे हासिल करने की प्लानिंग में कुछ जरूरी बातों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए. जैसेकि 3-6 महीने का इमरजेंसी फंड जरूर होना चाहिए. अपने कर्जों का निपटान करें और शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए निवेश जरूर करें. होम डाउन पेमेंट के लिए बांड और डिपॉजिट अच्छे ऑप्शन हैं. वहीं, रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए कम्पाउंडिंग के जरिए लक्ष्य हासिल करें. दरअसल, फाइनेंशियल लक्ष्य निर्धारित और हासिल करना एक ऐसी यात्रा है, जिसमें बेहतर प्लानिंग, डेडिकेशन और समय-समय पर उनका असेसमेंट जरूरी है.
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