इस सरकारी बैंक को एक हफ्ते के अंदर मिले दो जीएसटी नोटिस, जानें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्यों लिया एक्शन?

बैंक को वर्ष 2016-17 से संबंधित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 156 के तहत एक डिमांड नोटिस मिला है. एक हफ्ते के अंदर बैंक को दूसरा नोटिस मिला है. इसके पहले 28 मार्च को भी बैंक ने बताया था कि उसके पास नोटिस आया है.
इस सरकारी बैंक को एक हफ्ते के अंदर मिले दो जीएसटी नोटिस, जानें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्यों लिया एक्शन?

बैंक ऑफ इंडिया को आयकर विभाग की आकलन इकाई से निर्धारण वर्ष 2016-17 से संबंधित 1,127.72 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस मिला है. बैंक को वर्ष 2016-17 से संबंधित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 156 के तहत एक डिमांड नोटिस मिला है, जिसमें कुछ अस्वीकृतियां की गई हैं. एक हफ्ते के अंदर बैंक को दूसरा नोटिस मिला है. इसके पहले 28 मार्च को भी बैंक ने बताया था कि उसके पास नोटिस आया है.

क्यों आया बैंक को नोटिस?

बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि उसे इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 156 के तहत असेसमेंट ईयर 2016-17 के लिए नोटिस मिला है, जिसमें कुछ Disallowances दिए गए थे. इसके पहले 28 मार्च को भी बैंक को इसी कारण से आकलन वर्ष 2018-19 से संबंधित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 270ए के तहत 564.44 करोड़ रुपये का जुर्माना मिला था.

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बैंक करेगा अपील

बैंक ऑफ इंडिया ने कहा, “बैंक निर्धारित समय-सीमा के भीतर उक्त आदेश के खिलाफ आयकर आयुक्त (अपील), नेशनल फेसलेस अपील सेंटर (एनएफएसी) के समक्ष अपील दायर करने की प्रक्रिया में है. अपीलीय प्राधिकारियों की प्राथमिकता/आदेशों को देखते हुए बैंक का मानना है कि उसके पास मामले में अपनी स्थिति को उचित रूप से साबित करने के लिए पर्याप्त तथ्यात्मक और कानूनी आधार हैं. बैंक को उम्मीद है कि मांग कम हो जाएगी. इस प्रकार, बैंक की वित्तीय, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.”
बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि वह आदेश में उठाई गई 1,127.72 करोड़ रुपये की मांग के खिलाफ आयकर कानून में दी गई रियायत का फायदा उठाएगा.

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