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8th Pay Commission latest news: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है. उनकी न्यूनतम सैलरी में बड़ा इजाफा हो सकता है. कमाल की बात ये है कि जहां एक तरफ ये चर्चा है कि 8वां वेतन आयोग नहीं आएगा. वहीं, अब इस बात ने जोर पकड़ लिया है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के वक्त ही कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा. और ये इजाफा छठे वेतन आयोग में हुए इजाफे से भी बड़ा हो सकता है. सूत्रों की मानें तो साल 2024 में आम चुनाव होने हैं. इसके बाद ही कर्मचारियों की सैलरी या यूं कहें वेतन आयोग के गठन पर कोई चर्चा होगी. लेकिन, इतना जरूर है कि बात आगे बढ़ रही है.
8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर अभी फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है. इसका जिक्र संसद में भी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कर चुके हैं. लेकिन, सरकारी महकमों के सूत्र बताते हैं कि अभी इस पर चर्चा करना सही नहीं है. क्योंकि, वेतन आयोग के गठन का वक्त नहीं आया है. साल 2024 में इसकी सीमा शुरू होगी. उम्मीद है साल 2024 के आम चुनाव के बाद जब नई सरकार का गठन होगा तो इस पर फैसला लिया जाएगा. अगर आठवें वेतन आयोग का गठन होता है तो सैलरी में जबरदस्त उछाल आ सकता है. पिछले वेतन आयोग की तुलना में इसकी कैलकुलेशन की जाएगी.
अगर मान लिया जाए कि ये चर्चा सही साबित होती है तो 8वें वेतन आयोग (8th Pay commission) का गठन साल 2024 के आखिर तक हो जाएगा. वहीं, साल 2025 या 2026 तक इसे लागू भी किया जा सकता है. केंद्रीय कर्मचारियों (Central government employees) की सैलरी में जबरदस्त उछाल आ सकता है. सूत्रों की मानें तो 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के मुताबले 8वें वेतन आयोग में कई बदलाव हो सकते हैं. इसमें फिटमेंट फैक्टर के फॉर्मूले पर सैलरी नहीं बढ़ेगी. बल्कि किसी दूसरे फॉर्मूले से सैलरी इंक्रीमेंट दिया जला सकता है. साथ ही 10 साल में एक बार वेतन आयोग के गठन को भी बदला जा सकता है. इसे हर साल की तर्ज पर शुरू किया जा सकता है.
7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में सबसे कम इजाफा हुआ. दरअसल, सैलरी को फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के हिसाब से बढ़ाया गया. इसमें इसे 2.57 गुना रखा गया. इससे बेसिक सैलरी 18000 रुपए की गई. अगर इसी फॉर्मूले को आधार माना जाता है तो 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर की अधिकमत रेंज के तहत न्यूनतम सैलरी 26000 रुपए हो जाएगी. इसेक बाद निचले स्तर के कर्मचारियों का सैलरी रिविजन हर साल परफॉर्मेंस बेसिस पर किया जा सकता है. वहीं, अधिकतम सैलरी वाले कर्मचारियों का रिविजन 3 साल के अंतराल पर रखा जा सकता है.
अब 8वें वेतन आयोग के गठन की बात करते हैं. अगर पुराने पैमाने पर ही सरकार आठवें वेतन आयोग का गठन करती है तो इसमें भी फिटमेंट फैक्टर को ही आधार रखा जाएगा. इस आधार पर कर्मचारियों का फिटमेंट 3.68 गुना किया जा सकता है. इस आधार पर कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में 44.44% की वृद्धि हो सकती है. इससे कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 26000 रुपए हो सकता है.
अब सवाल ये है कि 8वां वेतन आयोग का गठन कब होगा? मौजूदा स्थिति में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी लोकसभा में इससे साफ इनकार किया था. हालांकि, सूत्रों की मानें तो वेतन आयोग का गठन समय आने पर होगा. लेकिन, अभी सरकार के पास वक्त है कि वेतन वृद्धि के नए पैमाने पर विचार कर सके. इसलिए इसके तरीके खोजे जा रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि साल 2024 में आम चुनाव होने हैं. ऐसी में सरकार कर्मचारियों को नाराज नहीं करना चाहेगी. लेकिन, ये कहना ठीक नहीं अगला वेतन आयोग नहीं आएगा.
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