Modi Government 8 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के प्रधानमंत्री रहते हुए आठ साल पूरे कर लिए हैं. मोदी 26 मई, 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे. सबका साथ सबका विकास का दावा करने वाली मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐसे कठिन फैसले लिए हैं, जो काफी लंबे समय से लंबित रहे थे. इसके साथ ही कई फैसलों के लिए काफी विरोध का भी सामना करना पड़ा. सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी, ट्रिपल तलाक जैसे कई मुद्दों पर सरकार ने अपने फैसले से साबित कर दिया कि लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के बनाने के साथ ही सरकार समय पड़ने पर कड़े फैसले लेने का भी दम रखती है.
1/6मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में कई मौकों पर साबित किया कि भारतीय सेना देश की सुरक्षा करने के साथ ही मौका पड़ने पर दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देना भी जानती है. 28 सितंबर, 2016 की रात में ऐसे ही सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जाकर उनके लॉन्च पैड पर हमला कर बड़ी संख्या में आतंकवादियों का सफाया किया. भारत ने उरी हमला का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ यह सर्जिकल स्ट्राइक किया.
2/6प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को पूरे देश को उस समय चौंका दिया जब उन्होंने अचानक से रात 8 बजे देश में 1,000 रुपये और 500 रुपये के पुराने नोट को बंद करने की घोषणा कर दी थी. नोटबंदी के इस फैसले ने पूरे देश को बैंकों के सामने कतार में खड़ा कर दिया था. हालांकि सरकार ने इसके लिए 2,000 रुपये और 500 रुपये के नए नोट को भी जारी किया. सरकार ने बताया कि इसका उद्देश्य देश में काले धन पर लगाम लगाना और डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना है.
3/6भारत में टैक्स रिफॉर्म लंबे समय से रूका हुआ था. मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद पूरे देश के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) को लागू करने का बीड़ा उठाया. मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 से देश में 'वन नेशन वन टैक्स' के रूप में GST को लागू कराया.
4/6मोदी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. इसमें से सबसे पॉपुलर फैसलों में ट्रिपल तलाक कानून को लागू करना रहा है. मोदी सरकार के इस फैसले का मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने काफी समर्थन किया. हालांकि इसका काफी वर्गों ने विरोध भी किया. 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में अगस्त 2019 में इसे लेकर एक कानून भी बना दिया.
5/6पीएम मोदी के सबसे चर्चित फैसलों में जम्मू कश्मीर से जुड़े आर्टिकल 370 को हटाना माना जाता है. 5 अगस्त 2019 को एक काफी साहसी कदम में गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में आर्टिकल 370 और 35ए को हटाने का फैसला किया.
6/6मोदी सरकार ने एक और साहसी कदम उठाते हुए देश में नागरिकता कानून में बड़ा बदलाव किया. काफी लंबे समय से अटके हुए इस संशोधन का देश के एक बड़े वर्ग ने विरोध भी किया. मोदी सरकार ने दिसंबर 2019 में संसद के शीतकालीन सत्र में इसे पास कराया था. इस कानून से देश में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले 6 समुदाय (हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी) से आने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है.