जिस तरह आप किसी कारण से टेलीकॉम कंपनियों को बदल लेते हैं यानी मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी करा लेते हैं, ठीक उसी तरह आप उसी तरह आप अपने इंडेन गैस (IndianOil), भारत पेट्रोलियम कंपनी (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कंपनी (HPCL) के गैस डिस्ट्रीब्यूटर को बदल सकते हैं यानी पोर्ट (port) करा सकते हैं. खराब सर्विस या किसी दूसरी वजहों की वजह से आप यहां तक कि कंपनी भी बदल सकते हैं. इसकी सुविधा मौजूद है. इसके लिए आपको पोर्टेबिलिटी के लिए रजिस्टर करना होता है. आप यह ऑनलाइन भी कर सकते हैं.
1/6सबसे पहले www.mylpg.in वेबसाइट पर विजिट करना होता है और साथ ही आपको अपनी कंपनी यानी जिस कंपनी के आप कस्टमर हैं उसे सलेक्ट करें. अगर आप पहले से यहां रजिस्टर्ड नहीं हैं तो आप खुद को यहां रजिस्टर करें. (फोटो - रॉयटर्स)
2/6यहां क्ल्स्टर में उपलब्ध डिस्ट्रीब्यूटर को देखें और रीफिल डिलीवरी परफॉर्मेंस के मामले में उसकी स्टार रेटिंग देखें. यह रेटिंग 5 Star- Excellent, 4 Star- Good, 3 star- Average, 2 Star- below Average और 1 star - Poor के तौर पर दी गई होती है. (फोटो - रॉयटर्स)
3/6अब यहां क्लस्टर से अपनी पसंद के डिस्ट्रीब्यूटर को सलेक्ट करें. इसके बाद कस्टमर को रजिस्ट्रेशन और प्रोसेस के लिए दी गई सलाह का कन्फर्मेशन ईमेल पर मिलता है. (फोटो - रॉयटर्स)
4/6अगर आप उसी कंपनी में रहते हुए ट्रांसफर की रिक्वेस्ट कर रहे हैं तो आपको सिर्फ नए डिस्ट्रीब्यूटर के यहां कन्फर्मेशन ईमेल की कॉपी के साथ विजिट करना होता है और अप्लाई करना होता है. (फोटो - रॉयटर्स)
5/6अगर आप दूसरी कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के लिए रिक्वेस्ट कर रहे हैं तो ऐसे आपको सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, रिफंड अमाउंट या ट्रांसफर डॉक्यूमेंट सरेंडर करना होता है और फिर समान डिपॉजिट राशि जमा कर दोबारा कनेक्शन के लिए अप्लाई करना होता है. (फोटो - पीटीआई)
6/6ध्यान रहें, पोर्टेबिलिटी स्कीम के तहत आपसे किसी भी तरह का ट्रासंफर चार्ज या अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं लिया जाएगा. कनेक्शन ट्रांसफर की ट्रैकिंग इलेक्ट्रॉनिक तरीके से की जाती है. (फोटो - भारत पेट्रोलियम)