अनाज पैदावार के मामले में हम लगातार कामयाबी हासिल करते जा रहे हैं. इस समय भारत सरकार के पास अनाज का इतना भंडार है कि 10 महीने तक लोगों को अनाज की कमी नहीं होगी.
1/7केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास इस समय 630 लाख टन से ज्यादा का अनाज का भंडार है.
2/7राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम समेत अन्य योजनाओं के लिए हर महीने 60 लाख टन अनाज की जरूरत होती है. इस तरह 10 महीने से ज्यादा की खपत के लिए एफसीआई के पास अनाज का भंडार पड़ा हुआ है.
3/7चार मई तक एफसीआई के पास 276.61 लाख टन चावल और 353.49 लाख टन गेहूं का स्टॉक है. इस तरह अनाज का कुल स्टॉक 630.10 लाख टन है.
4/7प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अगले तीन माह के लिए 104.4 लाख टन चावल और 15.6 लाख टन गेहूं की जरूरत है जिसमें 59.50 लाख टन चावल एवं 8.14 लाख टन गेहूं की सप्लाई कई राज्यों के लिए हो गई है.
5/7भारत सरकार इस योजना पर हर साल लगभग 46000 करोड़ रुपये खर्च करती है. इस योजना के तहत हर एक राशनकार्ड पर एक किलो दाल हर परिवार देने को दी जाती है. जिसके लिए दाल की कुल आवश्यकता अगले तीन महीने के लिए 5.82 लाख टन है और अब तक 2.20 लाख टन दाल डिस्पैच हो चुका है.
6/7सरकारी एजेंसियों ने देशभर में किसानों से खरीफ सीजन 2019-20 में अब तक 648.08 लाख टन धान की खरीद की है, जोकि पिछले सीजन की इसी अवधि के आंकड़े 592.59 लाख टन से 9.36 फीसदी अधिक है.
7/7इस समय देश में गेहूं की खरीद का काम चल रहा है. पंजाब में महज 20 दिन में 100 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद हो चुकी है. पंजाब में इस रबी सीजन में 135 लाख टन गेहूं की खरीद करने का लक्ष्य रखा गया है.