Bharat Drone Mahotsav: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत ड्रोन महोत्सव का उद्घाटन किया. देश की राजधानी में भारत के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव (Drone Festival) में पीएम मोदी ने कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी बारे में देश में जो उत्साह देखा जा रहा है, वह अद्भुत है और इस क्षेत्र में नौकरी की आपार संभावनाओं को दर्शाता है. प्रधानमंत्री (PM Modi) ने कहा कि 2014 पहले की सरकारों में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर उदासीनता का माहौल था.
1/7पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने सरकारी योजनाओं की डिलीवरी को सुनिश्चित किया है. ड्रोन (Drone) के इस्तेमाल से डिफेंस सेक्टर और आपदा प्रबंधन में भी मदद मिलेगी.
2/7भारत ड्रोन महोत्सव (Bharat Drone Mahotsav) में भविष्य की ड्रोन टैक्सी की भी झलक देखने को मिली. 2 लोगों को ले जाने की क्षमता वाली इस टैक्सी घर की छत से भी उड़ाया जा सकता है.
3/7पीएम मोदी इस ड्रोन महोत्सव (Drone Festival) में किसान ड्रोन पायलटों से भी बात कर उनके प्रदर्शनों को देखा. ड्रोन प्रदर्शनी देखने के साथ ही उन्होंने इससे जुड़े स्टार्टअप्स के बारे में भी जानकारी ली.
4/7भारतीय ड्रोन महोत्सव 2022 (Bharat Drone Mahotsav 2022) दो दिवसीय कार्यक्रम है. यह दिल्ली के प्रगति मैदान में 27 और 28 मई को आयोजित किया जा रहा है.
5/7देश के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव (Drone Festival) में 70 से अधिक लोग अपने ड्रोन्स के जरिए इसके विभिन्न इस्तेमालों की प्रदर्शनी लगाएंगे.
6/7भारत ड्रोन महोत्सव (Bharat Drone Mahotsav) के दौरान प्रोडक्ट लॉन्च, पैनल डिस्कशन, फ्लाइंड डेमो, मेड इन इंडिया ड्रोन टैक्सी प्रोटोटाइप के प्रदर्शन के साथ एक वर्चुअल ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.
7/7ESRI India के मैनेजिंग डायरेक्टर अगेंद्र कुमार ने कहा कि भारत में ड्रोन को अपनाने के लिए एक इकोसिस्टम बनाने की आवश्यकता है, जिसके जरिए ड्रोन की उड़ान, डेटा कैप्चर, प्रोसेसिंग और खपत को सरल किया जा सके. इस ड्रोन महोत्सव से ड्रोन सेक्टर में भारत की स्थिति और इनोवेशन को रिप्रजेंट करने वाले स्टेकहोल्डर साथ आते हैं. मेरा मानना है कि नए ड्रोन नियम 2021 के साथ यह भारत में ड्रोन के माध्यम से भू-स्थानिक डेटा के निर्माण को और बढ़ावा देगा. ESRI India के हाल ही में लॉन्च किए गए Indo ArcGIS सॉल्यूशंस प्रोडक्ट्स के साथ ये भू-स्थानिक डेटा सेट, कृषि, बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास, वन प्रबंधन, भूमि रिकॉर्ड, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य देखभाल, रक्षा, और कई अन्य क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे.