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अगर आप अपने घर की गार्डनिंग में औषधीय गुणोंवाले पौधे लगाने की योजना बना रहे हैं और लंबे समय से इसे कर नहीं पा रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काम की हो सकती है. क्योंकि सरकार ने अब औषधीय गुणोंवाले पौधों को घर के दरवाजे तक पहुंचाने का मिशन शुरू किया है. इनमें ऐसे औषधीय पौधे शामिल हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद तो हैं ही साथ ही कई बीमारियों को भी ठीक करने में ये बहुत उपयोगी साबित होते हैं.
आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को देश भर में 45 से अधिक स्थानों से 'आयुष आपके द्वार' अभियान की शुरुआत की. अभियान का उद्देश्य एक वर्ष में 75 लाख घरों में औषधीय पौधों वितरित करना है. औषधीय पौधों में तेजपत्ता, स्टीविया, अशोक, गिलोय, अश्वगंधा, लेमनग्रास, तुलसी, सर्पगंधा और आंवला शामिल हैं.
बता दें कि आयुष मंत्रालय आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में ये कार्मक्रम मना रहा है. इस महोत्सव के तहत मंत्रालय साल भर कई गतिविधां भी करेगा. बता दें कि कोरोना काल में बड़े पैमाने पर इन औषधीय पौधों और उनके उत्पादों की डिमांड बढ़ी थी. काढ़ा तैयार करने के लिए विशेष तौर से लोगों ने इन औषधीय पौधों की ओर तेजी के साथ रुख किया था.
15 किस्म के औषधीय पौधों में जटामांसी, अश्वगंधा, घृतकुमारी या एलोवेरा, शतावरी, गुग्गुलु, कालमेघ, ब्राह्मी भी शामिल हैं. बता दें कि इस महोत्सव की शुरुआत भोपाल के शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के हर्बल गार्डन से की जाएगी.
आयुष राज्य मंत्री डॉ महेंद्र मुंजापारा ने नई दिल्ली में आयुष भवन से कर्मचारियों को औषधीय पौधे वितरित कर अभियान की शुरुआत की. इस अवसर पर डॉ. मुंजापारा ने औषधीय पौधों को अपनाने और अपने परिवार के एक हिस्से के रूप में इनकी देखभाल करने की अपील की.