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बजट के मुख्य बिंदुओं पर जी बिजनेस ने की वित्त मंत्री पीयूष गोयल से बातचीत (फाइल फोटो)
मोदी सरकार की ओर से पेश किया गया अंतरिम बजट बड़े विजन वाला है. बजट पेश करने के बाद जी बिजनेस से खास बातीचत में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस बजट से हर वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है. पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश...
बजट में 05 लाख तक की आय वाले लोगों को रीबेट दी गई छूट क्यों नहीं.
सभी के टैक्स के पैसे या सहयोग से ही सरकार अच्छे काम कर पाती है. सरकार ने टैक्स से मिलने वाले पैसे का सदुपयोग किया हैं. इसी पैसे से माताओं - बहनों के लिए शौचालय, गैस कनेक्शन व बच्चों तक बिजली जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा सकी हैं. यह संभव है कि अगले पूरे बजट में करदाताओं को सरकार और राहत दे. हालांकि 08 से 09 लाख कमाने वालों को भी डिडक्शन के बाद टैक्स नहीं देना होगा. इस कदम से मिडल क्लास को राहत मिलेगी.
कॉरपोरेट जगत के लिए कोई बड़ी राहत नहीं दी गई
देखिए जो ज्यादा पैसे कमाते हैं उन्हें थोड़ा ज्यादा टैक्स देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. वैसे भी गांवों में यदि शौचालय बनाने में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए तो उससे सीमेंट बिकी, स्टील बिका, हजारों लोगों को रोजगार मिला. लोगों ने जो पैसे कमाए उससे कुछ समान खरीदेंगे तो कंपनियों को ही फायदा होगा.
जी बिजनेस की एक्जीक्यूटिव एडिटर स्वाति खंडेलवाल ने वित्त मंत्री पीयूष गोयल से खास बातचीत की
पहली बार बजट में सरकार का विजन पेश किया गया है. इसको देश व दुनिया में काफी पसंद किया गया. ये विचार कैसे आया
यह मोदी जी का विजन है. उनका उद्देश्य बिलकुल साफ है. वो पूरी तरह से देश के लोगों के लिए काम कर रहे हैं. वो गरीबों की पीड़ा को समझते और महसूस करते हैं. उन्होंने खुद ऐसा जीवन जिया है इसलिए वे जरूरी मुद्दों को समझ कर उन पर काम कर रहे हैं.
किसानों के लिए अच्छा बजट रहा. उन्हें उनके लिए घोषित की गई स्कीम के लिए 75000 करोड़ का बजट कहां से आएगा
पिछली सरकार कांग्रेस की थी उन्होंने 2008 में 70000 करोड़ का लोन माफ किया, इसके लिए 2008 के बजट में एक रुपया नहीं दिया 2009 के बजट में भी कोई पैसा नहीं दिया. हमारी सरकार बनी तो 1.60 लाख करोड़ के सब्सिडी के अनपेड बिल हमें मिले. हमने सबका भुगतान किया. मोदी जी किसी भी योजना की पूरी प्लानिंग करते हैं. उन्होंने जो भी योजना बनाई है उसके लिए पैसे का प्रावधान किया है. हमने 20000 करोड़ इस वर्ष और 75000 करोड़ रुपये अगले वर्ष के लिए रखा है. इससे फिजिकल डेफिसिट थोड़ा बढ़ेगा पर हमने उसे छिपाया नहीं दिखाया.