&format=webp&quality=medium)
यह तस्वीर विक्रम लैंडर की है. (Dna)
भारत के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशन Chandrayaan 2 के लिए आज बहुत बड़ा दिन है. Chandrayaan 2 के साथ विक्रम और प्रज्ञान, दो रोबोट भी गए हैं. वे अब तक अपना 90% काम पूरा कर चुके हैं. वे 6 व 7 सितंबर की मध्य रात 1:10 बजे के बाद चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे.
इसरो के नील आर्मस्ट्रॉन्ग हैं विक्रम
विक्रम सबसे पहले वहां उतरेगा, जैसे नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने सबसे पहले चंद्रमा की सतह पर कदम रखा था. उसी तरह प्रज्ञान नील आर्मस्ट्रॉन्ग के साथ गए बज एल्ड्रिन की तरह होगा. ये दोनों अंतरिक्ष यात्री 1969 में अमेरिका के Apollo 11 mission पर गए थे. चंद्रमा पर यह पहला मानव मिशन था. नील के साथ माइकल कॉलिन्स भी चंद्रमा पर गए थे, लेकिन उन्होंने वाक नहीं की थी. ऐसा ही उस ऑर्बिटर के साथ हुआ, जिससे चंद्रयान 2 अलग हो चुका है.
विक्रम के हाथ में सारा दारोमदार
विक्रम और प्रज्ञान को ISRO ने भेजा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक विक्रम को यह जिम्मा सौंपा गया है कि कहां लैंड करना है, इसका डिसीजन ले. विक्रम जब चंद्रमा की सतह से 100 मीटर ऊपर होगा तब वह कहां उतरना है इसका फैसला करेगा. अगर सबकुछ ठीक रहा तो 78 सेकंड में वह लैंड कर जाएगा. ये लैंडिंग मैजिनस और सिंपेलियस गड्ढों के बीच होगी.
क्या होता हैं लैंडर और रोवर
आपको बता दें कि विक्रम लैंडर है, जो लैंडिंग करेगा और प्रज्ञान रोवर है, जिसके 6 पैर हैं. वह मून पर घूमेगा. वहीं ऑर्बिटर सैटेलाइट है जो चंद्रमा का चक्कर काट रही है.
कुछ ऐसे बात करेंगे विक्रम-प्रज्ञान
विक्रम : हम कहां जा रहे हैं?
प्रज्ञान : चंद्रमा पर, हमारे वैज्ञानिकों को लगता है कि वहां भी मानव बस्ती बसाई जा सकती है.
विक्रम : यह धरती से कितनी दूर है?
प्रज्ञान : 4 लाख किमी दूर. यहां सबसे पहले नील आर्मस्ट्रॉन्ग और बज एल्ड्रिन आए थे. हम मून के साउथ पोल पर उतरेंगे, जहां ज्यादा मिनरल और वाटर है.