&format=webp&quality=medium)
Service Charge: सर्विस चार्ज को लेकर आज केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के उस फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी, जिसमें सर्विस चार्ज को लेकर जारी की गई गाइडलान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया गया था. हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) की याचिका पर आज मामले की सुनवाई टाल दी. अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी.
CCPA ने अपनी याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती दी थी. बता दें कि सिंगल बेंच ने सरकार की ओर से रेस्त्रां और होटल मालिकों के सर्विस चार्ज वसूलने पर लगी रोक को हटा लिया था. कोर्ट के आदेश के बाद सीसीपीए ने इसे बड़ी बेंच के सामने उठाया है.
इससे पहले 11 अगस्त को सर्विस चार्ज पर CCPA ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी. यह अपील दिल्ली हाइकोर्ट के 20 जुलाई वाले आदेश के खिलाफ अपील की गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) की याचिका पर सुनवाई करते हुए CCPA द्वारा 4 जुलाई को जारी की गई गाइडलाइंस पर रोक लगाई थी. उस दिन हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 अगस्त की तारीख दी थी.
20 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने NRAI की याचिका पर 4 जुलाई की सर्विस चार्जेज वाली गाइडलाइंस पर रोक लगाई थी. उस समय कोर्ट ने कहा था कि अभी भी सर्विस चार्ज देना ग्राहक की मर्जी ही होगी. कोर्ट ने रेस्टोरेंट एसोसिएशन से कहा कि वह अपने मेन्यू में सर्विस चार्ज को लेकर क्लियर निर्देश दे. जो रेस्त्रां, होटल सर्विस चार्ज ले रहे हैं उनको मेन्यू में खुलकरा लिखना होगा सर्विस चार्ज वसूला जाएगा.
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अगर कोई कस्टमर किसी होटल से खाना पैक कराता है लेकिन वहां खाता नहीं है तो वो इस पर कस्टमर से सर्विस चार्ज नहीं ले सकते. यानी कि अगर कस्टमर टेकअवे की सुविधा लेंगे तो उनसे सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा.