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आज से जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा कंट्रोल होगा.
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के राज्य कर्मचारियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक दिन है. आज से राज्य के सभी कर्मचारी केंद्र के कर्मचारी बन जाएगा और उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही तमाम सहूलियतें मिलनी शुरू हो जाएगी.
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) का राज्य का दर्जा बुधवार की रात से समाप्त हो गया और अब जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख (Ladakh) दो नए केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) बन गए हैं. गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू-कश्मीर और राधा कृष्ण माथुर लद्दाख का पहला उपराज्यपाल बनाया गया है. जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने लेह में एक सादे समारोह में माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.
आर्टिकल 370 (Article 370) के तहत मिले विशेष दर्जे को संसद द्वारा समाप्त किए जाने के 86 दिन बाद यह फैसला आज 31 अक्टूबर से लागू हो गया है. गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी थी. अधिसूचना में जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय कानूनों को लागू करने समेत कई कदमों की घोषणा की.
यह पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में तब्दील किया गया है. देश में अब राज्यों की संख्या 28 रह गई और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर 9 हो गई. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश होगा.
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बता दें कि जम्मू-कश्मीर राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने और इसके विभाजन की घोषणा 5 अगस्त को राज्यसभा में की गई थी.
आज से जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा कंट्रोल होगा, जबकि भूमि वहां की निर्वाचित सरकार के अधीन होगी. यहां के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों का दर्जा मिलेगा और उन्हीं के समान उन्हें सहूलियतें मिलेंगी.