Amarnath Yatra: 'बाबा बर्फानी' के दर्शन को पहला जत्था रवाना, कल से शुरू होगी पवित्र अमरनाथ यात्रा

Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू होने जा रहा है. 43 दिवसीय यह यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार सुबह अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू बेस कैंप से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया.
Amarnath Yatra: 'बाबा बर्फानी' के दर्शन को पहला जत्था रवाना, कल से शुरू होगी पवित्र अमरनाथ यात्रा

Amarnath Yatra: दक्षिण कश्मीर के हिमालय में स्थित पवित्र गुफा मंदिर की 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा तीन साल के अंतराल के बाद कल से शुरू होने जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए सभी प्रबंध किए हैं. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने बुधवार सुबह अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के लिए जम्मू बेस कैंप से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया.

अधिकारियों ने बताया कि 4,890 तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सुबह करीब 4 बजे भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी के लिए 176 हल्के और भारी वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुआ.

ऑनलाइन दर्शन की भी सुविधा

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर पवित्र गुफा तक सुरक्षा मुहैया कराकर श्राइन बोर्ड (Shri Amarnath Shrine Board) के प्रयासों को भी तेज कर रहा है. बोर्ड ने उन लोगों के लिए ऑनलाइन 'दर्शन' का भी प्रावधान किया है जो शारीरिक रूप से तीर्थयात्रा नहीं कर सकते हैं.

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उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) पर नहीं आ सकते हैं, वे ऑनलाइन 'दर्शन', 'पूजा', 'हवन' और 'प्रसाद' की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं.

तीन साल बाद हो रही यात्रा

उन्होंने बताया कि चूंकि तीन साल के अंतराल के बाद दोबारा यात्रा शुरू की गई है, इसलिए इस साल श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है.

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को रद्द किये जाने के मद्देनजर यात्रा बीच में ही स्थगित कर दी गई थी, जबकि वर्ष 2020 और 2021 में Covid-19 महामारी की वजह से यात्रा का आयोजन नहीं किया गया था.

पहले से चार गुना अधिक सुरक्षा

हाल ही में सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि इस बार अमरनाथ यात्रा पर (आतंकवादी हमले का) खतरा अधिक है. इसके मद्देनजर यात्रा सुचारु रूप से संपन्न् कराने के लिए सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था की गई है. अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पहले के मुकाबले तीन से चार गुना अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.

उन्होंने बताया कि बालटाल और पहलगाम रास्ते पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नयी सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई है ताकि कोई विध्वंसकारी तत्व यात्रा को बाधित नहीं कर सके. केवल सत्यापित तीर्थ यात्री ही यात्रा में शामिल हों, यह सुनिश्चित करने के लिए एसएएसबी ने अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के इच्छुक लोगों को आधार या अन्य बायोमेट्रिक सत्यापित दस्तावेज साथ रखने को कहा है. तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा में ड्रोन और आरएफआईडी चिप भी हिस्सा हैं.

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