गैस सिलेंडर ज्यादातर लोग इस्तेमाल करते हैं. रसोई गैस से लेकर अब LPG सिलेंडर का इस्तेमाल कई जगह पर होता है. सरकार ने भी उज्जवला योजना में उन परिवारों तक भी रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाया, जहां पहले चूल्हा जलता था. यही नहीं गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग, ऑनलाइन पेमेंट जैसे कई बदलाव हुए. उपभोक्ता के लिए नियमों को काफी आसान बनाया गया. पहले के मुकाबले गैस कनेक्शन लेना भी आसान हो गया है. साथ ही गैस कनेक्शन के साथ कई फायदे मिलते हैं. हालांकि, यह फायदे ज्यादातर लोगों को नहीं पता होते. हम इन्हीं फायदों की जानकारी आपको दे रहे हैं. आइये जानते हैं आपके काम के 5 फायदे की बातें.
1/13आप जो सिलेंडर इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें फायदे की बात छुपी होती है. लेकिन, डिस्ट्रीब्यूटर यह बात कंज्यूमर्स को नहीं बताते हैं. दरअसल, सिलेंडर खरीदते वक्त ही उसका इन्श्योरेंस हो जाता है. 50 लाख रुपए तक होने वाले इस इंश्योरेंस की जानकारी लोगों को नहीं होती. सिलेंडर का इन्श्योरेंस उसकी एक्सपायरी से जुड़ा होता है. अक्सर लोग सिलेंडर की एक्सपायरी डेट की जांच किए बिना ही इसे खरीद लेते हैं. ऐसे में इस बात को आप ध्यान में रखें.
2/13गैस कनेक्शन लेते ही उपभोक्ता का 10 से 25 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा हो जाता है. इसके तहत गैस सिलेंडर से हादसा होने पर पीड़ित इन्श्योरेंस क्लेम कर सकता है. साथ ही, सामूहिक दुर्घटना होने पर 50 लाख रुपए तक देने का प्रावधान है.
3/13सिलेंडर की पट्टी पर ए, बी, सी, डी में से एक लेटर के साथ नंबर होते हैं. गैस कंपनियां 12 महीनों को चार हिस्सों में बांटकर सिलेंडर्स का ग्रुप बनाती हैं. 'ए' ग्रुप में जनवरी, फरवरी, मार्च और 'बी' ग्रुप में अप्रैल, मई जून होते हैं. 'सी' ग्रुप में जुलाई, अगस्त, सितंबर और 'डी' ग्रुप में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर होते हैं. सिलेंडर पर इन ग्रुप लेटर के साथ लिखे नंबर एक्सपायरी या टेस्टिंग ईयर दर्शाते हैं. जैसे- 'बी-12' का मतलब सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जून, 2012 है. ऐसे ही, 'सी-12' का मतलब सितंबर, 2012 के बाद सिलेंडर का इस्तेमाल खतरनाक है.
4/13अब आपको शहर बदलने पर गैस कनेक्शन की टेंशन नहीं होगी. आप अपना गैस कनेक्शन किसी भी शहर में जाने पर बदल सकते हैं. इसके लिए आपको थोड़ी सी मेहनत करनी होगी. यह सेवा पूरे देश में लागू है.
5/13अभी आप जिस शहर में रह रहे हैं, वहां अपनी गैस एजेंसी पर जाएं. यहां अपना गैस सिलेंडर और रेग्युलेटर जमा करा दें. ऐसा करने पर गैस एजेंसी डिस्ट्रीब्यूटर आपको जमा किए हुए पैसे लौटा देगा. इसके साथ ही वह आपको एक फॉर्म देगा, जिसमें आपके गैस कनेक्शन होने का प्रूफ होगा. अब यदि आप शहर बदलते हैं, तो जिस शहर में रहना है वहां की गैस एजेंसी पर जाएं. उस गैस एजेंसी को वह फॉर्म दिखाएं, जो आपको पुराने शहर की गैस एजेंसी से मिला है. जो पैसे आपको लौटाए गए थे, वो नई एजेंसी पर जमा करवाकर आप कनेक्शन वापस पा सकते हैं.
6/13अब आप परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर कर सकते हैं. इसके साथ ही यह भी सुविधा है कि आप किसी दूसरे का कनेक्शन उपयोग कर रहे हैं, तो वह भी अपने नाम पर ट्रांसफर कराया जा सकता है. गैस कनेक्शन ट्रांसफर कर रहे हैं तो दो शपथ पत्र की जरूरत होगी. दोनों व्यक्तियों को एक-एक शपथ पत्र भरना होगा. इसमें उसे बताना होगा कि गैस कनेक्शन लेने वाले के नाम से पहले कोई गैस कनेक्शन नहीं है. दूसरा शपथ पत्र वह व्यक्ति देगा, जो अपना कनेक्शन सामने वाले व्यक्ति को देना चाहता है. उसे अपने शपथ पत्र में नाम ट्रांसफर के संबंध में एनओसी देनी होगी. इसके अलावा नाम ट्रांसफर कराने वाले व्यक्ति को संबंधित एजेंसी को वर्तमान कनेक्शन की कॉस्ट और सिक्योरिटी मनी क्लियर करनी होगी.
7/13कनेक्शन ट्रांसफर कराने के लिए आपको रेजिडेंस प्रूफ के रूप में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, लीज एग्रीमेंट, वोटर आइडी, टेलीफोन/इलेक्ट्रिसिटी/वाटर बिल, पासपोर्ट, राशन कार्ड में से कोई आईडी देनी होगी. फोटो आईडी के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट नंबर, पैन कार्ड, वोटर आईडी दे सकते हैं. इसके साथ शपथ पत्र लगाना होगा. केवाईसी फॉर्म के लिए दो फोटो देने होंगे. इसके साथ बैंक अकाउंट लिंक करने के लिए केंसल चेक या पासबुक की फोटोकॉपी देनी होगी.
8/13अब आप (MyLPG.in) वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन गैस कनेक्शन ले सकते हैं. MyLPG.in वेबसाइट खोलने के बाद कॉर्नर पर ‘सहज’ पोर्टल का लिंक मिलेगा. पहले इस लिंक पर क्लिक करें. यहां आपको ‘ऑनलाइन कनेक्शन’ का ऑप्शन मिलेगा, इस पर क्लिक करें.
9/13आवेदक को अपनी फोटो के साथ आधार नंबर व बैंक खाता संख्या अपलोड करना होगा. आईडी प्रूफ का डिटेल देने के बाद रजिस्ट्रेशन कराना होगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑनलाइन पेमेंट का विकल्प आएगा. भुगतान करते ही आवेदक के ई-मेल पर संदर्भ संख्या आएगी. पेमेंट का डेक्लेरेशन भी ई-मेल पर मिलेगा. गैस कंपनी से कनेक्शन जारी करते ही एक कॉपी कस्टमर के ई-मेल पर पहुंच जाएगी.
10/13स्टेप-1: सबसे पहले इस वेबसाइट पर क्लिक करें https://rasf.uidai.gov.in/seeding/User/ResidentSplash.aspx क्लिक करने के बाद आपके सामने आधार कार्ड की वेबसाइट खुलकर आएगी. इसमें एक स्टार्ट नाउ का बटन होगा. इस पर क्लिक करने से एक और पेज खुलेगा.
12/13तीसरे स्टेप में आपको अपना डिस्ट्रीब्यूटर, कंज्यूमर नंबर भरना होगा. इसके बाद ई-मेल आईडी, फोन नंबर और आधार नंबर देना होगा. https://rasf.uidai.gov.in/seeding/User/ResidentSelfSeedingpds.aspx
13/13मोबाइल, ई-मेल आईडी रजिस्ट्रर कराने के बाद आपके पास एक OTP नंबर आएगा. वेरिफिकेशन कोड की जगह ये नंबर एंटर कीजिए और फिर बॉक्स में बनी इमेज को अल्फा न्यूमरिक कोड भरना होगा. इसके बाद आखिरी में सब चेक करने के बाद सबमिट बटन दबाना होगा. इसके कुछ दिन बाद ही आपकी रिक्वेस्ट अप्रूव हो जाएगी. इसके बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक अकाउंट में पहुंच जाएगी.